जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार कंटेनर ने मां-बेटी को कुचल दिया। हादसे में बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। वहीं, उसकी बेटी गंभीर घायल हुई है। दोनों रात्रि जागरण से लौट रही थी।
सड़क पार करने के दौरान कंटेनर की चपेट में आ गईं। एक्सीडेंट गुरुवार सुबह 7 बजे कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा बस स्टैंड के पास हुआ। घटना का सीसीटीवी फुटेज आज सामने आया है।
पहले देखिए हादसे से जुड़े PHOTOS

पावटा बस स्टैंड के पास से दोनों मां-बेटी खाली सड़क देखकर उसे क्रॉस करने के लिए जल्दी-जल्दी निकल रही थीं।

फुटेज में सामने आया है कि कंटेनर ने भीड़भाड़ वाले एरिया में स्पीड कम नहीं की और मां-बेटी को कुचल दिया।
जागरण में शामिल होकर लौट रही थीं घर
पावटा निवासी मृतका उर्मिला देवी (62) के बेटे प्रहलाद ने बताया- मां और बहन सीमा (27) मामा के घर जागरण में कोटपूतली गई थीं। जहां मेरी मां और बहन उतरीं वहां से 600 मीटर दूर मेरा घर है।
घर आने के लिए वह हाईवे को पैदल पार कर रही थीं। इसी दौरान कंटेनर ने उन्हें कुचल दिया। हादसे में मां की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बहन सीमा गंभीर घायल हो गई। ड्राइवर कंटेनर छोड़कर मौके से फरार हो गया।

डेढ़ साल पहले पिता की मौत
प्रहलाद सैन ने बताया-डेढ़ साल पहले उनके माता-पिता रामेश्वर की यात्रा पर गए थे, लौटते समय पिता की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। बेटी सीमा 3 साल से मां के पास ही रही है।
प्रागपुरा थाना प्रभारी किरण सिंह यादव ने बताया-मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कंटेनर ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हादसे के बाद लोगों ने कुछ देर के लोगों ने नेशनल हाईवे को जाम कर दिया था। हालांकि, कुछ देर बाद अधिकारियों ने समझाइश कर जाम खुलवा दिया।
राजस्थान में डेली होते हैं 67 सड़क हादसे
सड़क और परिवहन मंत्रालय के साल 2023 के डेटा के अनुसार राजस्थान में डेली 67 रोड एक्सीडेंट होते हैं। इन हादसों में 32 लोगों की मौत होती है।
प्रदेश सरकार का दावा है कि वो हर साल सड़क सुरक्षा के नाम पर 40 करोड़ रुपए खर्च करती है, लेकिन मौतों की संख्या बढ़ रही है। वर्ष 2022 में 23 हजार 614 सड़क हादसों में 11 हजार 104 लाेगाें की माैत हुई थी।
वर्ष 2023 में यह आंकड़ा बढ़ गया। इस साल 24 हजार 705 हादसों में 11 हजार 762 लाेगाें की जान गई। यानी वर्ष 2022 की अपेक्षा वर्ष 2023 में 658 लाेगाें की अधिक जान गई थी।

गडकरी ने कहा था- सड़क हादसे कम करने का लक्ष्य था, ये और बढ़ गए
इस साल जनवरी में लोकसभा में सड़क हादसों पर चर्चा के दौरान गडकरी ने कहा था कि स्वीडन रोड एक्सीडेंट को जीरो पर ले आया है और भी बहुत से देशों ने इसे कम किया है।
मैं बहुत ट्रांसपेरेंट हूं इसलिए बता रहा हूं कि जब मैंने सड़क परिवहन मंत्रालय का जिम्मा संभाला था, तो मैंने 2024 तक सड़क हादसों और इससे होने वाले मौतों को 50% कम करने का लक्ष्य रखा था।
एक्सीडेंट कम करना तो भूल जाइए, मुझे तो ये स्वीकार करने में भी कोई शर्म नहीं है कि ये बढ़ गए हैं।
….
राजस्थान में रोड एक्सीडेंट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए…
जयपुर में डंपर ने राहगीरों को कुचला, 2 की मौत:ट्रांसफॉर्मर से टकराया, आग लगी; ग्रामीणों ने जयपुर-दिल्ली हाईवे किया जाम

जयपुर में तेज रफ्तार डंपर ने सड़क किनारे खड़े राहगीरों को कुचल दिया। लोगों को कुचलने के बाद डंपर सड़क किनारे एक ट्रांसफॉर्मर से टकरा गया, जिससे डंपर में आग लग गई। पूरी खबर पढ़िए…
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments