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इस साल मानसून की बरसात ने जिले के सात बांधों को लबालब कर दिया है।
करौली में इस साल मानसून की बरसात ने जिले के सात बांधों को लबालब कर दिया है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक जिले के कुल 13 बांधों में से सात बांध पूरी तरह भर चुके हैं।
हिण्डौन क्षेत्र का जगर बांध 28 साल बाद छलक पड़ा है। 30 फीट भराव क्षमता वाले इस बांध से 5927 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। बांध से आखिरी बार 2008 में नहरों में पानी छोड़ा गया था। सपोटरा क्षेत्र का भूमेन्द्र सागर बांध तीन दशक बाद ओवरफ्लो हुआ है। यह 478 हेक्टेयर भूमि को सींचेगा। नादौती का फतेहसागर बांध भी लंबे समय बाद छलक गया है। इससे 521 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई मिलेगी। मामचारी बांध हर साल की तरह इस बार भी ओवरफ्लो है। 19 फीट क्षमता वाला यह बांध 962 हेक्टेयर भूमि को सींचेगा। मण्डरायल का नींदर बांध पूरी तरह भर गया है। इससे 1088 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी।
जिले का सबसे बड़े पांचना बांध के इस साल 7 बार गेट खुल चुके हैं। यह बांध करौली और सवाईमाधोपुर जिले के 35 गांवों की 9985 हेक्टेयर भूमि को सींचेगा। सपोटरा का कालीसिल बांध भी छलक रहा है। इस बांध से 4903 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी। हाल ही में यहां 8 फीट तक पानी की चादर चली थी।
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