☜ Click Here to Star Rating


पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सीईटीपी की ओर से तैयार किए जा रहे सघन वन का सोमवार को फीता काट उद्घाटन करते भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़।

पाली में एक और ऑक्सीजन जोन की नींव सोमवार को रखी गई। शहर के जोधपुर रोड पर सिंधियों की ढाणी के पास 16 बीघा में 25 हजार पौधे लगाए गए हैं। इन्हें मीयावा तकनीक से CETP फाउंडेशन की ओर से लगाया गया है। सोमवार शाम भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने फीता काटकर

.

यहां करीब 50 प्रजातियों के पौधे 2-2 फीट की दूरी पर लगाए जा रहे हैं। 4 साल में यहां सघन वन विकसित हो जाएगा। पौधों की ऊंचाई 30 फीट तक पहुंच जाएगी। दावा है कि इस जंगल का तापमान आस-पास के क्षेत्र से 8 से 10 डिग्री कम रहेगा। यहां वॉकिंग ट्रैक बनाया गया है। शहरवासी यहां वॉकिंग कर सकेंगे। यहां भरपूर ऑक्सीजन मिलेगा। आने वाले समय में यह पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित होगा।

भविष्य में यहां जंगल होगा…

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन विकसित करने के तहत लगाए गए 25 हजार पौधें।

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन विकसित करने के तहत लगाए गए 25 हजार पौधें।

योजना को लेकर जरूरी तथ्य

  • खर्च होंगे 85 लाख रुपए- सीईटीटी फाउंडेशन के सचिव SP चौपड़ा के अनुसार-जिला प्रशासन से सहमति के बाद गोचर भूमि पर सीईटीपी पाली की ओर से पहले चरण में 16 बीघा जमीन पर 50 प्रजातियों के 25 हजार 308 पौधे लगाए जा रहे हैं। इस पर करीब 85 लाख रुपए खर्च होंगे।
  • घना जंगल विकसित होगा- एनजीओ फॉरेस्ट क्रिएटर्स के एनके नायर को इस इसे विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसे घने जंगल में रूप में विकसित किया जा रहा है। हर पौधा करीब 2-2 फीट की दूरी पर लगाया गया है। इसमें फल, फूल और औषधि गुणों वाले पौधे शामिल हैं।
  • तापमान होगा 10 डिग्री तक कम- पौधों की सिंचाई स्प्रिंकलर पद्धति से होगी। विशेष घोड़ा घास भी बिछाई गई है। 4 साल में पौधों की लंबाई 30 फीट तक पहुंचने की संभावना है। यहां आस-पास के क्षेत्र से करीब आठ से 10 डिग्री तापमान कम रहेगा। ज्यादा ऑक्सीजन की मात्रा होगी। इसके चारों तरफ 10-10 फीट का ट्रैक भी बनाया जा रहा है।
  • डॉ. अकीरा मीयावा पद्धति से बनेगा जंगल- फॉरेस्ट क्रिएटर्स के फाउंडर डॉ. आरके नायर के अनुसार- डॉ. अकीरा मीयावा पद्धति से घना जंगल विकसित किया जा रहा है। इसमें पौधों का सक्सेस रेट 98 प्रतिशत रहता है। एक साल बाद इन पौधों की लम्बाई 12-15 फीट होगी। दो साल बाद 25 से 30 फीट और तीन साल बाद 35-40 फीट के बीच इनकी लंबाई होगी।
  • 20 लाख पौधे प्लांट किए- डॉ. आरके नायर के अनुसार- बरसात करवाने में भी यह घना जंगल मदद करेगा। एनजीओ ने अभी तक देश भर में 100 ज्यादा घने जंगल विकसित किए हैं। 20 लाख पौधे प्लांट कर चुके हैं।

देखें कार्यक्रम की तस्वीरें..

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन के उद्घाटन के मौके पौधरोपण करते भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़।

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन के उद्घाटन के मौके पौधरोपण करते भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़।

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन के उद्घाटन के मौके मंचासीन अतिथि।

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन के उद्घाटन के मौके मंचासीन अतिथि।

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन के उद्घाटन के मौके मौजूद शहरवासी, उद्यमी व अन्य।

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन के उद्घाटन के मौके मौजूद शहरवासी, उद्यमी व अन्य।

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन के उद्घाटन के मौके मौजूद शहरवासी, उद्यमी व अन्य।

पाली के जोधपुर रोड सिंधियों की ढाणी के निकट गोचर भूमि पर सघन वन के उद्घाटन के मौके मौजूद शहरवासी, उद्यमी व अन्य।

कार्यक्रम में पाली विधायक भीमराज भाटी, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सांसद पुष्प जैन, पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा, जिला कलेक्टर एलएन मंत्री, डीएफओ पी बालामुर्गन, प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी, सीईटीपी के अध्यक्ष अशोक लोढ़ा, सचिव एसपी चौपड़ा, धनराज दैय्या, राकेश अखावत, तिलोक चौधरी सहित कई उद्यमी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और शहरवासी मौजूद रहे।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading