भास्कर न्यूज | भरतपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह ने बसंत पंचमी को मोती महल में जाने की घोषणा की है। उन्होंने यह भी कहा कि झंडा लगेगा। वे इस प्रकरण में परिवार के साथ नहीं, बल्कि जनता और सरदारी के साथ हैं। उन्होंने अनिरुद्ध के एफआईआर दर्ज
गौरतलब है कि रविवार को पूरा दिन बीत जाने के बाद जब पुलिस जाब्ता हट गया था तो रात को मनुदेव सिनसिनी ने अपनी गाड़ी से मोती महल का गेट तोड़ते हुए अंदर प्रवेश किया था। उनके हाथ में भरतपुर का रियासतकालीन झंडा भी था। इसके बाद सोमवार को सिनसिनी गांव में हुई पंचायत को पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वेंद्र सिंह ने फोन पर संबोधित किया।
इस दौरान दौलत फौजदार ने उनसे पूछा कि वह महल में जाने का निर्णय कब लेंगे और रियासती ध्वज को महल में कब स्थापित करेंगे, टाइम दें। इस पर उन्होंने कहा बसंत पंचमी को महल में जाएंगे। इस पर वहां घोषणा की गई कि जिस दिन वह जाएंगे, उसी दिन झंडा भी लगेगा। उन्होंने कहा कि मैं परिवार के साथ नहीं हूं। जनता का था, जनता का हूं।
{एफआईआर: भगत सिंह बिरहरू सहित 7 षड्यंत्रकारी… अनिरुद्ध सिंह की ओर से दर्ज एफआईआर में भगतसिंह विरहरू, संतोष फौजदार, दिनेश सिनिसिनी, दौलत फौजदार, अतेन्द्र, कैलाश इत्यादि पर आरोप लगाए हैं। जिसके अनुसार इन्होंने घटना का षड्यंत्र रचा।
आरोपी लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से गाली-गलौच कर रहे थे और महल में घुस झंडा लगाने की धमकी दे रहे थे। रात नौ बजे वह और उनकी मां सूरज महल में आराम कर रहे थे। तब मनुदेव सिनसिनी और तीन चार अन्य ने मोती महल का सदर गेट तोड़ प्रवेश किया। परिसर में झंडा लगाने की कोशिश की। आवाज सुन पहुंचे कर्मचारियों ने अंदर आने का विरोध किया तो उनकी जान लेने के लिए गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। भास्कर: क्या विश्वेंद्र सिंह की ओर से भी कोई एफआईआर दी गई है? एसपी: नहीं, उनकी ओर से कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है।
भास्कर: उनसे आपकी आज क्या बातचीत हुई? एसपी: सामान्य तौर पर उनसे बातचीत होती रहती है। उनका स्वास्थ्य खराब है। भास्कर: क्या उन्होंने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने को कहा है? एसपी: उनसे सामान्य बातचीत ही हुई। भास्कर: अपनी पोस्ट से समुदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों पर कार्रवाई करेंगे? एसपी: शिकायत आएगी तो मैं देखूंगा। रात के बाद आज पूरा दिन कोई घटना नहीं हुई है। हमने गश्त बढ़ा रखी है। {महल मेरे नाम, जमीन मेरे नाम, यह कौन होता है एफआईआर लिखवाने वाला: विश्वेंद्र… विश्वेंद्र सिंह ने अनिरुद्ध सिंह के एफआईआर दर्ज कराने के अधिकार पर भी सवाल खड़ा किया।
उन्होंने कहा कि ये एफआईआर क्या मायने रखती है? महल मेरे नाम, जमीन मेरे नाम, यह लड़का कौन होता है, एफआईआर लिखवाने वाला? दरवाजा तोड़ने पर उन्होंने कहा कि न तो मनुदेव को कुछ होगा और न किसी और को। मैंने एसपी को कह दिया है। पंचायत में उन्हें बताया गया कि पुलिस ने दो लड़कों को डिटेन किया है। जिस पर उन्होंने पुलिस से बात करने का आश्वासन दिया। पंचायत में लोग कहते हुए सुनाई दिए कि छोरा क्या करेगा? महल तो महाराज साहब का है। {पुरखों के सम्मान के लिए ऐसी गलती बार-बार करुंगा: मनुदेव… महल का दरवाजा तोड़ने वाले मनुदेव सिनसिनी ने पंचायत में अनिरुद्ध सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “पुरखों के सम्मान के लिए ऐसी गलती बार-बार करुंगा। अनिरुद्ध रोजाना हमारे पुरखों को गाली दे रहा है। नहीं सहा जाएगा। उसने नई चालाकी रची। तिरंगे के पीछे आपने आप को छिपा लिया। आज एक छोटा सा बेवकूफ बच्चा आता है। कहता है कि यह रियासत है ही नहीं। यह मुहीम नहीं रुकनी चाहिए।” पंचायत में पहुंचने पर उनका सम्मान किया गया। गांव में शौर्य ध्वज रैली के रूप में विजय जलूस निकाला गया।
महाराजा सूरजमल बलिदान दिवस 25 दिसंबर को अगली पंचायत और रैली होगी। विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि जब राष्ट्रीय ध्वज लगा दिया है, उसके नीचे अपना झंडा नहीं लगा सकते थे। क्योंकि झंडे पर हनुमानजी हैं। उनको ध्वज के ऊपर लगाएं तो दिक्कत, नीचे लगाएं तो दिक्कत। राष्ट्रीय ध्वज को नीचे करें तो दिक्कत। दौलत फौजदार के किशोरी महल में झंडा लगाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह हमारे पुरखों का महल है। उसमें आपने झंडा लगा दिया, उससे बड़ी क्या चीज हो सकती है? उन्होंने कहा झंडा लगेगा, लगेगा और जरूर लगेगा। भास्कर न्यूज | भरतपुर पूर्व राजपरिवार के सदस्य अनिरुद्ध सिंह ने स्वीकार किया है कि उन्होंने करणी सेना को बुलाने वाली पोस्ट डाली थी।
यदि वे अपनी ताकत और अधिकार दिखा सकते हैं, तो मैं भी दिखा सकता हूं। उन्होंने सुरक्षा का हवाला देते हुए महल से तिरंगा झंडा भी हटा लिया है। दरवाजा तोड़कर घुसने की घटना भरतपुर और वहां के बहुत से लोगों की बहुत बुरी छवि दिखाती है। अनिरुद्ध सिंह ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं समाज का बहुत ही संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक हूं। एसपी साहब ने मुझे बुलाकर स्थिति बिगड़ने की आशंका जताते हुए, इसे हटाने के प्रश्न पर मैंने इसे हटा दिया था।
कल की घटना के बाद स्पष्ट है कि महल पर किसी भी तरह का झंडा सुरक्षित नहीं है। महल की सुरक्षा के लिए सभी झंडे हटा लिए गए हैं। इस घटना से सांसद का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रविवार रात की घटना मोती महल पैलेस में नहीं बल्कि उसके कॉम्पलेक्स में हुई। घटना मोती महल से 500 मीटर दूर हुई। घटना में हिस्टोरिकल स्ट्रक्चर भी डैमेज हो सकता था। रात को ऑन ड्यूटी सिक्योरिटी को भी चोट पहुंचाई जा सकती थी। कुम्हेर. सिनसिनी पंचायत में मनुदेव का हुआ स्वागत।
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