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IIT जोधपुर परिसर में डायरेक्टर और एसोसिएट प्रोफेसर के बीच मारपीट हुई। एसोसिएट प्रोफेसर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि विभागीय मीटिंग के दौरान एसोसिएट प्रोफेसर ने गाली-गलौज करते हुए जानलेवा हमला कर दिया।

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कर्मचारी ने बचाव किया तो उन्हें मारने और उनके परिवार को खत्म करने की धमकी भी दी। वहीं, एसोसिएट प्रोफेसर ने डायरेक्टर पर बंधक बनाकर राजकार्य में बाधा पहुंचाने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुझे मारने की कोशिश हुई।

मामला मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे का है। दोनों पक्षों ने करवड़ थाने में एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। थानाधिकारी लेखराज सियाग ने बताया- केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर दीपक कुमार अरोड़ा को गिरफ्तार किया है।

मीटिंग के दौरान गाली-गलौच और मारपीट की IIT जोधपुर में कार्यवाहक कुलसचिव अंकुर गुप्ता ने एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीपक कुमार अरोड़ा (47) के खिलाफ डायरेक्टर डॉ. अविनाश कुमार अग्रवाल पर हमला करने और एक कर्मचारी को जातिसूचक गाली देने का मामला दर्ज करवाया है।

FIR में बताया- घटना 2 सितंबर को सुबह 11:30 बजे IIT जोधपुर के चाणक्य पश्चिम प्रशासनिक खंड की दूसरी मंजिल की है। विभागीय मीटिंग के दौरान डॉ. दीपक अरोड़ा ने डायरेक्टर डॉ. अविनाश कुमार अग्रवाल से गाली-गलौज की।

डायरेक्टर ने अपने बचाव में दीपक अरोड़ा के दोनों हाथ पकड़े तो उनको लात मारी। हमले से उनके (डायरेक्टर) दाहिने पैर में चोट आई है। डॉ. अरोड़ा ने डायरेक्टर को घेरकर रखा ताकि वे ऑफिस से बाहर नहीं निकल पाएं।

डायरेक्टर ऑफिस के कर्मचारी बीच-बचाव करने पहुंचे तो डॉ. अरोड़ा ने कर्मचारी विवेक गौतम के साथ भी मारपीट की। उन्हें जातिसूचक गालियां दी। विवेक गौतम और उनके परिवार को खत्म करने की धमकी दी। विवेक के दाहिने हाथ में चोट आई है।

इस दौरान केमिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. पराग देशपांडे और डीन फैकल्टी अफेयर्स डॉ. नीरज जैन भी मौजूद थे। FIR में मारपीट, राजकार्य में बाधा पहुंचाने, जातिसूचक शब्दों के साथ गाली-गलौच करने के आरोप लगाए गए हैं।

पीड़ितों की मेडिकल जांच करवाई करवड़ थानाधिकारी लेखराज सियाग ने रिपोर्ट के आधार पर FIR दर्ज की। पीड़ितों की मेडिकल जांच करवाई। सूत्रों के अनुसार IIT डायरेक्टर के पैर में हेयर लाइन फ्रैक्चर होने पर इलाज करवाया गया।

वहीं मामला अनुसूचित जाति-जनजाति की धाराओं से संबंधित होने के चलते जांच एसीपी (मंडोर) नगेंद्र कुमार कर रहे हैं।

IIT के डायरेक्टर के खिलाफ भी FIR एसोसिएट प्रोफेसर दीपक कुमार अरोड़ा ने भी IIT के डायरेक्टर अविनाश कुमार और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इसमें बंधक बनाकर राजकार्य में बाधा पहुंचाने और मारपीट करने के आरोप लगाए गए हैं। एसोसिएट प्रोफेसर दीपक कुमार मूलत: कोटा के गुमानपुरा के रहने वाले हैं।

आरोप- डायरेक्टर ने कहा ‘IIT जोधपुर पर बोझ हैं’ डॉ. अरोड़ा की रिपोर्ट के अनुसार- 2 सितंबर को सुबह 11:45 से 12:30 बजे के बीच डायरेक्टर ऑफिस में एक बैठक आयोजित की गई थी। इसमें डायरेक्टर प्रो. अविनाश अग्रवाल के अलावा एक विभागाध्यक्ष और एक डीन भी थे।

इस मीटिंग में डायरेक्टर ने पहले जॉइनिंग डेट आदि के बारे में सामान्य चर्चा की। लेकिन कुछ ही मिनटों के भीतर उन्होंने डॉ. अरोड़ा को दो प्राध्यापकों के सामने अपमानित करते हुए उन्हें ‘IIT जोधपुर पर बोझ हैं’ और उन्हें ‘संस्थान छोड़ देना चाहिए’ जैसी टिप्पणियां की।

जब उन्होंने डायरेक्टर की टिप्पणियों का विरोध किया और कहा कि वे ‘काफी गलत बातें कह रहे हैं’ और ‘अकादमिक लीडर होकर लगातार भयावह टिप्पणियां करके प्रोफेसरों और कर्मचारी समुदाय में डर पैदा कर रहे हैं’। तो निदेशक आग बबूला हो गए।

शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर ने अपनी कुर्सी से खड़े होकर डॉ. अरोड़ा पर जानलेवा हमला किया, जिससे उनकी गर्दन में खरोंच आ गई। आरोप है कि निदेशक ने उन्हें मारने की कोशिश की और जब डॉ. अरोड़ा ने अपना बचाव करने की कोशिश की, तो निदेशक फिसलकर नीचे गिरने लगे।

कर्मचारियों ने मिलकर किया हमला डॉ. अरोड़ा का आरोप है कि इसके बाद कई कर्मचारी और मुख्य अधिकारी वहां आ गए और डायरेक्टर के साथ मिलकर हमला कर दिया। हमलावरों की संख्या तकरीबन 12 थी, जिनमें एक युवा कर्मचारी, एक मुख्य अधिकारी और कुछ सुरक्षा गार्ड शामिल थे।

आरोप के अनुसार, इन सभी ने मिलकर डॉ. अरोड़ा को लगातार धमकाया और धक्का दिया। शिकायत में कहा गया है कि वे वहां अकेले थे और उनके साथ सामूहिक रूप से मारपीट की गई। ऐसे में डॉ. अरोड़ा ने इसे पूर्व नियोजित साजिश का आरोप लगाया है।

डायरेक्टर बोले- हमले से हड्डी टूटी, प्लास्टर चढ़ाना पड़ा डायरेक्टर प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने भी संस्थान की ओर से बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि फैकल्टी मेंबर डॉ. दीपक कुमार अरोड़ा का पहले भी गुस्से वाला व्यवहार रहा है, जिसे कई बार सुधारने का अवसर दिया गया। लेकिन 2 सितंबर की बैठक के दौरान प्रोफेसर ने हिंसक आचरण और धमकी दी थी।

IIT डायरेक्टर ने कहा- हमले से मेरे पैर की हड्डी टूट गई है। प्लास्टर चढ़ाया गया है। यही नहीं, प्रोफेसर पर एक दलित कार्यालय कर्मचारी के प्रति भी अभद्र भाषा, जातिसूचक गालियां और परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।

डायरेक्टर के अनुसार, अस्पताल और पुलिस थाने में भी डॉ. अरोड़ा ने अभद्र व्यवहार जारी रखा और FIR दर्ज करवाने में अनावश्यक देरी की। जो घटना के कई घंटे बाद देर शाम लगभग 7:30 बजे दर्ज करवाई गई। प्रोफेसर अग्रवाल ने कहा कि संस्थान में रिसर्च, शिक्षण और पेशेवर आचरण के लिए पूरी जवाबदेही जरूरी है। हिंसा, डर या अपमान का कोई स्थान IIT सिस्टम में नहीं है।



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