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नगरवासी घरों की छतों और चौक-चौराहों पर खड़े होकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर डीडवाना नगर में एक ऐतिहासिक आयोजन हुआ। नगर की 12 बस्तियों से एक ही समय पर 12 पथ संचलन घोष की ताल पर निकले, जिससे वातावरण अनुशासन, एकता और राष्ट्रभावना से गूंज उठा।

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लोगों ने घरों की छतों और चौक-चौराहों पर खड़े होकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।

लोगों ने घरों की छतों और चौक-चौराहों पर खड़े होकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।

ये पथ संचलन अंबेडकर सर्किल से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे और पंडित बछराज व्यास स्कूल परिसर में समाप्त हुए। प्रत्येक पथ संचलन ने लगभग 2.5 किलोमीटर की दूरी तय की, जिससे स्वयंसेवकों ने कुल 30 किलोमीटर मार्ग पर अनुशासित परेड प्रस्तुत की। इस आयोजन में 12 घोष दल, 12 प्रार्थना बोलने वाले और 12 बौद्धिक कर्ताओं ने भाग लिया।

आयोजन की भव्यता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि नगरवासी घरों की छतों और चौक-चौराहों पर खड़े होकर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा की गई और स्वागत द्वार सजाए गए। महिलाओं और बच्चों ने भी उत्साह के साथ तिलक वंदन कर स्वयंसेवकों का अभिनंदन किया।

जिला संघचालक रामावतार सराफ ने कहा कि संघ की शाखा स्वयंसेवकों के निर्माण की धुरी है। उन्होंने बताया कि एक घंटे की शाखा में तैयार स्वयंसेवक समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। उन्होंने इसे संघ की शताब्दी वर्ष यात्रा का प्रेरणादायी पड़ाव बताया।

नगर कार्यवाह राम प्रसाद टाक ने इस आयोजन को केवल अनुशासन और परंपरा का प्रतीक नहीं, बल्कि पूरे नगर में एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश देने वाला अभिनव प्रयोग बताया। नगरवासियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस ऐतिहासिक आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया, जिससे संघ का शताब्दी वर्ष संदेश हर गली-मोहल्ले तक पहुंचा।



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