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आनंद नगर में सड़क पर भरे पानी से निकलता दिव्यांग।
शहर की कॉलोनियों में जलभराव की समस्या ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया है। दो-दो महीने से जमा सड़ा पानी अब बीमारी का कारण बन रहा है। बदबू से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि गणेश नगर नेमी की चक्की के पास रहने वाले लोग
रहवासी बताते हैं जलभराव से घरों में कीड़े और जहरीले जीव निकल रहे हैं। लगातार हो रही बीमारियों से लोग परेशान हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि प्रशासन ने किसी-किसी जगह पर तो पानी निकासी की व्यवस्था की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। और न ही बीमारी से बचाव के लिए अब तक दवा का छिड़काव कराया। हीरादास और अनाह गेट इलाके की कॉलोनियां जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इनमें गणेश नगर, जगमोहनपुरा, आनंद नगर, बजरंग नगर, जसवंत नगर, सुभाष नगर और ईदगाह क्षेत्र शामिल हैं।
कालोनीवासियों ने बताया कि पिछले दो माह से पानी सड़ा पड़ा है, जिससे लोग बार-बार बीमार हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। नालियों की सफाई, पानी की निकासी और दवा का छिड़काव तीनों ही स्तर पर लापरवाही की गई है। यही कारण है कि दर्जनों कॉलोनियों में हालात जस के तस बने हुए हैं।
तीन फीट ऊंची दीवार फांदकर स्कूल जाते हैं बच्चे, दवा का छिड़काव तक नहीं कराया
- सड़े पानी से गुजरने पर पैर में इंफेक्शन, आरबीएम अस्पताल में चल रहा इलाज… गणेश नगर सेवर रोड निवासी अमित बताते हैं सड़े पानी से उनके पैर में इंफेक्शन हो गया है। आरबीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है।
- कोचिंग जाने के लिए यही रास्ता, पैर के अंगूठे में हुआ इंफेक्शन … जाने वाली प्रिया बताती हैं रीट प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए रोजाना कोचिंग जाती हूं। लेकिन पिछले करीब दो महीने से मुझे सड़े पानी से होकर ही आना-जाना पड़ रहा है।
- जलभराव से निकलने की मजबूरी, पैर के अंगूठे में इंफेक्शन से परेशान… गणेश नगर के भरत बताते हैं मैं रोजाना सड़े पानी से होकर आवागमन करता हूं। लगातार इस गंदे पानी से गुजरने की वजह से मेरे पैर के अंगूठे में इंफेक्शन हो गया है।
भास्कर एक्सपर्ट – डॉ राजीव भारद्वाज, विशेषज्ञ आरबीएम
ठहरे पानी में तेजी से पनपते हैं बैक्टीरिया : भारद्वाज
जलभराव की स्थिति में बैक्टीरिया और कीटाणु तेजी से पनपते हैं। इससे त्वचा पर संक्रमण, पैरों और हाथों में फोड़े, आँखों और कान में इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक ऐसे पानी में चलना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा करता है। जहाँ संभव हो, ऊँचे जूते या बूट पहनें और पैरों को ढककर चलें।
जलभराव से लौटने के बाद हाथ-पैर अच्छी तरह धोएं और संक्रमित हिस्सों को तुरंत साफ करें। अगर पैर या हाथ में लालिमा, सूजन या फोड़े दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जलभराव से मच्छर पनपने के कारण डेंगू और मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
“सीएमएचओ की ओर से दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। इसके साथ ही नगर निगम की टीम भी लगातार दवा छिड़काव में लगी हुई है। जल निकासी के लिए जगह-जगह पंप सेट लगाए गए हैं।” -श्रवण कुमार विश्नोई, नगर निगम आयुक्त
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