![]()
चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी उपखंड में बीते मंगलवार देर रात को हुए दर्दनाक हादसे के लगभग 108 घंटे बाद आज रविवार को 6 साल की मासूम बालिका रूत्वी का शव बरामद हुआ। यह हादसा तब हुआ था जब एक परिवार धार्मिक यात्रा से लौट रहा था और गूगल मैप के बताए गलत रास्ते
रूत्वी का शव रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हादसे की जगह से लगभग 12 किलोमीटर दूर ऊंचा ग्राम पंचायत के रतनखेड़ी पुलिया में मिला। हादसे के बाद से ही चित्तौड़गढ़ सिविल डिफेंस और SDRF की टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं। पूरे 108 घंटे बाद जब शव मिला, तो गांव और परिवार में गहरा शोक छा गया।
गूगल मैप की गलती बना हादसे का कारण
यह हादसा मंगलवार देर रात, 26 अगस्त को हुआ था, जब भूपालसागर के कानाखेड़ा गांव निवासी मदनलाल अपने परिवार के साथ भीलवाड़ा जिले के सवाई भोज मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। रास्ते में गूगल मैप ने उन्हें गलत रास्ते पर मोड़ दिया, जिससे वे सीधे सोमी-उपरेड़ा की क्षतिग्रस्त पुलिया तक पहुंच गए।
पुलिया पर तेज बहाव था और अंधेरे में कुछ नजर नहीं आया। इसी दौरान उनकी कार पानी में जा गिरी और बह गई।
9 लोगों में से 4 की गई जान, तीन जनों को कुछ घंटों में ढूंढा गया
कार में कुल 9 लोग सवार थे। हादसे के बाद तुरंत बचाव काम शुरू किया गया। 5 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिनमें मदनलाल (25), हितेश (16), लीला (18), काव्यांश (9 माह) और आयांश (9 माह) शामिल हैं।
लेकिन कार में सवार मदनलाल की पत्नी चंदा (21), भाभी ममता (25), ममता की बेटी खुशी (4) और बेटी रूत्वी (6) बह गए।
चंदा, ममता और खुशी की लाशें अगले दिन बुधवार सुबह ही बरामद कर ली गई थीं, जिनका उसी शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रूत्वी की तलाश में जुटी रहीं टीमें
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (SIUCAW) मुकेश सांखला ने बताया कि रूत्वी की लाश नहीं मिलने के कारण प्रशासन और बचाव दल लगातार सक्रिय रहे। SDRF, सिविल डिफेंस, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार कई दिनों तक पानी के तेज बहाव में सर्च ऑपरेशन चलाती रहीं।
कई किलोमीटर तक बहाव की दिशा में तलाश की गई, और रविवार सुबह से ही SDRF की टीम ने ऑपरेशन फिर तेज किया गया। दोपहर करीब 1:30 बजे रतनखेड़ी पुलिया के पास उसका शव मिला।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments