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अजमेर में मैजिशियन एसोसिएशन राजस्थान की ओर से सूचना केंद्र में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ ही प्रदेशभर के जादूगर भी उपस्थित रहे।

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कार्यक्रम के जरिए जादूगरों की ओर से विभिन्न समस्याओं को लेकर संवाद किया गया। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जादू वह नहीं जो दिखता है, जादू वह है, जो दिल को छू लेता है। कार्यक्रम में पूर्व RTDC अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ और किशनगढ़ से विधायक विकास चौधरी भी मौजूद रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जादू वह नहीं जो दिखता है, जादू वह है, जो दिल को छू लेता है।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जादू वह नहीं जो दिखता है, जादू वह है, जो दिल को छू लेता है।

जादू है जो चलता ही रहता है

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मैजिशियन संगठन राजस्थान की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कॉन्फ्रेंस इस कार्यक्रम के जरिए आयोजित हुई। जिसमें सभी जादूगरों ने अपनी समस्याओं को डिस्कस किया।

जादू कला प्राचीन काल से पूरे देश में इसका महत्व रहा है। राजा महाराजा भी इसे काफी लाइक किया करते थे। इस कला को मजबूत बनाना आवश्यक है। जादूगर वर्तमान में तकलीफ के अंदर है। यह फाइनेंशियल साउंड नहीं लेकिन कला साउंड बहुत ज्यादा है। इसको मजबूत करना समाज हित में भी होगा।

जादू कला से पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है। इसमें कोई वल्गर बात नहीं होती। यह बहुत शानदार कला है। बचपन से इसे देखा है। इसकी एकेडमी बने और नए युवा जादू सीखें इसे तभी मजबूती मिलेगी।

गहलोत ने कहा कि परिवार के हिसाब से ही मुझे जादूगर कहा जाता है। पिता के समय में थोड़ा बहुत जादू किया करते थे। इसलिए लोग जादूगर की बात का देते हैं। बाकी आप जानते ही हैं, जादू है जो चलता ही रहता है।

गहलोत ने कहा- जो यह अंधविश्वास और जादू टोना करने वाले लोग हैं यह लोग समिति का नुकसान कर रहे हैं।

गहलोत ने कहा- जो यह अंधविश्वास और जादू टोना करने वाले लोग हैं यह लोग समिति का नुकसान कर रहे हैं।

जादू वह नहीं जो दिखता है, जादू वह है जो दिल को छू लेता है…

संबोधन में अशोक गहलोत ने कहा- जादू वह नहीं जो दिखता है जादू वह है जो दिल को छू लेता है। यह वह कला है जो पूरा परिवार साथ बैठकर देख सकता है। यह बहुत अच्छी कला है। इसे समाज के साथ आगे आना चाहिए। सरकारों को भी आगे आना चाहिए। यह कला अभी की नहीं राजा महाराजा के समय इसे प्रोत्साहन दिया जाता था।

गहलोत ने कहा- स्कूल और कॉलेज में भी छोटे-बड़े जादू दिखाने के लिए मैजिशियन को बुलाया जाता है। मैं भी बचपन में जेल के कैदियों को मैजिक दिखाने एक मैजिशियन के साथ गया था। जूनियर बनकर गया था। यह कल कभी समाप्त नहीं हो सकती।

गहलोत ने कहा- जो यह अंधविश्वास और जादू टोना करने वाले लोग हैं यह लोग समिति का नुकसान कर रहे हैं। इसका कोई स्थान समाज के अंदर नहीं होना चाहिए। अगर मैजिशियन की हिस्ट्री जानना चाहो तो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बटन दबाओ और दो सेकंड में मैजिशियन की हिस्ट्री आ जाएगी।

यह कला स्कूल में दिखानी चाहिए सरकार को अकैडमी बननी चाहिए। शिक्षा जगत में कैसे इसे बढ़ाएं इसे लेकर भी सरकार को सोने की जरूरत है।

गहलोत ने मैजिक शो देखा

कार्यक्रम में कई अलग-अलग जादूगरों की ओर से अपने जादू की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में घंटो तक बैठकर गहलोत की ओर से मैजिक शो देखा गया। इस दौरान अशोक गहलोत एक बॉक्स के ऊपर जादू की छड़ी घुमाई बाद में उस बॉक्स से मोतियों की माला जुड़ी हुई निकली।

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