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राजसमंद में श्रावणी महापर्व पर गायत्री शक्ति पीठ के साधकों द्वारा नौ चोकी पाल पर दश स्नान, हेमाद्रि संकल्प, तर्पण मार्जन और झील पूजा की गई।
राजसमंद में आज रक्षा बंधन के अवसर पर गायत्री साधकों ने श्रावणी महापर्व मनाया। इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री शक्तिपीठ पीठ परिवार के तत्वावधान में राजसमंद झील के नौ चौकी पाल पर दश स्नान, हैमाद्री संकल्प, तर्पण मार्जन और झील पूजा कर श्रावणी महापर्व मनाय
चौबीस दोष निवारण प्रार्थना
गायत्री परिवार के पुष्कर जोन समन्वयक घनश्याम पालीवाल के नेतृत्व में षट्कर्म के बाद देव, ऋषि, तीर्थ, पितृ आव्हान किया गया। इसके बाद सभी साधकों ने हैमाद्री संकल्प कर जीव चौबीस दोष निवारण प्रार्थना की। भस्म, मृतिका, गोमय, गौमूत्र, हरिद्रा, घृत, दूध, दही, डाब, मधु स्नान कर मार्जन के देव, ऋषि, महापुरुष, शहीद, पितृ तर्पण किया गया। इसके बाद सभी ने यज्ञोपवीत परिवर्तन किया गया।
झील पूजन भी किया
सभी ने राजसमंद झील भरने की प्रार्थना करते हुए झील पूजन कर हवन में वरूण, इन्द्र आहुतियां दी। उन्होंने कहा कि मानवता और जीव जगत के कल्याण में लगे प्रत्येक साधक की विप्र वृत्ति है उसे रक्षाबंधन पर इसे मजबूती देने वाले श्रावणी उपाकर्म का अवलंबन करना चाहिए जो हमें जल, जंगल जमीन की रक्षा का दायित्व बोध कराती है।
इस अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ पीठ के प्रबंध न्यासी भंवरलाल पालीवाल, मुख्य व्यवस्थापक गिरजा शंकर पालीवाल, शंकर लाल पुरोहित, दिनेश श्रीमाली, श्याम सुंदर नंदवाना, मोहनलाल गुर्जर, विष्णु पुरोहित सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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