पाली के सोमेसर स्टेशन पर आजादी के बाद पहली बार शनिवार को पुणे से जोधपुर जाने वाली ट्रेन रुकी। ऐसे में सोमेसर गांव के लोग ट्रेन रुकने की खुशी को फेस्टिवल के तौर पर सेलिब्रेट किया।
शनिवार को इस कार्यक्रम में शामिल होने मुंबई के मेडिकल व्यवसायी राम सिंह राजपुरोहित भी पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन के लिए तीन महीने पहले संकल्प लिया था कि जूते-चप्पल नहीं पहनूंगा। ट्रेन सोमेसर स्टेशन पर आज से रुकेगी, अब 14 सितंबर से जूते-चप्पल पहनूंगा।
ट्रेन जब शनिवार शाम स्टेशन पर पहुंची तो ग्रामीण स्वागत के लिए ढोल-थाली के साथ प्लेटफॉर्म पर पहुंचे। यहां जैसे ही ट्रेन आई लोग खुशी में नाचने लगे और इंजन पर चढ़ गए। इस दौरान ग्रामीणों ने लोको पायलट का माला पहनाकर स्वागत किया। ट्रेन करीब दो मिनट तक यहां रुकी रही।
वहीं शनिवार को जब सांसद पीपी चौधरी और अन्य मेहमान इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे तो गांव के लोगों ने फूलों की बारिश की। ढोल-थाली पर महिलाओं ने डांस किया।
इस कार्यक्रम के लिए तीन दिन से तैयारियां चल रही थी। आस-पास के 50 गांवों के लोगों को पीले चावल बांटकर इस कार्यक्रम में आने का न्योता दिया गया है।
ट्रेन के शुरू होने की खुशी इतनी है कि गांव में करीब 5 हजार मिठाई के पैकेट तैयार किए गए हैं। शनिवार शाम करीब 5 बजे ये ट्रेन पहुंचेगी तो ढोल-नगाड़े के साथ इसका स्वागत किया जाएगा।
पहले तस्वीरों में देखें ट्रेन आने की खुशी में कैसे किया स्वागत…

ट्रेन आने की खुशी में लोग इंजन पर चढ़ गए। इसके दौरान लोको पायलट का माला पहनाकर स्वागत भी किया गया।

गांव के लोगों को इसका काफी समय से इंतजार था। ट्रेन आने से पहले स्टेशन पर एक बुजुर्ग ने डांस कर खुशी जाहिर की।

इस कार्यक्रम में शामिल होने आए मेहमानों पर जेसीबी से फूलों की बारिश कर स्वागत किया गया।

गांव में ट्रेन आने की खुशी मनाई जा रही है। महिलाओं ने ढोल-थाली पर जमकर डांस किया।

ये राम सिंह है (सफेद शर्ट में)। तीन महीने पहले इस ट्रेन को चलवाने के लिए जूते-चप्पल पहनना छोड़ दिया था।

शनिवार को होने वाले कार्यक्रम के लिए बूंदी के 5 हजार पैकेट तैयार करवाए गए है। कार्यक्रम में आने वालों को इसे बांटा जाएगा।
अब पढ़ें इस कार्यक्रम में जुड़ी बड़ी अपडेट्स
1992 में भी चला था अभियान, 2021 में दोबारा की शुरुआत
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के बाद पहली बार यहां पुणे के लिए सीधी ट्रेन शुरू हुई है। इससे पहले 1992 में भी यहां ट्रेन को रोकने के लिए अभियान चला था। जब लोगों को लगा कि पुणे के लिए ट्रेन शुरू होनी चाहिए तो साल 2021 में मारवाड़ युवा संघर्ष समिति बनाई गई।
इसके अध्यक्ष हुकुम सिंह ने बताया कि 2021 में समिति बनाकर घर-घर जाकर लोगों को जोड़ा। ट्रेन चलाने के लिए पोस्टकार्ड अभियान चलाया। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर भी कैंपेन चलाकर इस अभियान को रेल मंत्रालय तक पहुंचाया।
जेसीबी से बरसाए गए फूल
इस कार्यक्रम के लिए आस-पास के करीब 50 से 60 गांव के लोगों को न्योता दिया था। पिछले तीन दिनों से इसे लेकर तैयारी चल रही थी। इसके लिए गांव-गांव जाकर अनाउंसमेंट करवाया गया। इसके साथ ही गांवों में जाकर संघर्ष समिति की ओर से पीले चापल बांटे गए थे।
पुणे से आई थी ट्रेन
सोमेसर पर इस ट्रेन का दो मिनट के लिए हॉल्ट दिया गया है। शनिवार को ट्रेन पुणे से चलकर सोमेसर पहुंची थी। पहले दिन सोमेसर स्टेशन से चार यात्रियों ने टिकट लिया। इसमें 2 पाली और 2 जोधपुर के यात्री थे।
देखिए इस कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें…

ट्रेन के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ट्रेन के स्वागत के लिए ग्रामीण दोपहर से इंतजार कर रहे थे।

ट्रेन के आने की खुशी में सोमेसर स्टेशन पर ग्रामीणों ने जमकर डांस किया।

जैसे ही स्टेशन पर ट्रेन के आने का अनाउंसमेंट हुआ ग्रामीण ढोल-थाली लेकर प्लेटफॉर्म पर पहुंचे।

मारवाड़ा युवा संघर्ष समिति की ओर से गांव-गांव में जाकर लोगों को पीले चावल बांटे जा रहे हैं और कार्यक्रम में आने का न्योता दिया जा रहा है।

इस कार्यक्रम के लिए समिति की ओर से तीन दिन से तैयारियां की जा रही हैं।

फोटो सोमेसर स्टेशन का है। यहां लोगों का आना शुरू हो चुका है। आस-पास गांव से कई लोग यहां पहुंचे है।

कार्यक्रम में आने के लिए गांव-गांव जाकर अनाउसमेंट भी करवाया गया ताकि बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे।
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