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शनिवार को जब बहनें भाइयों को राखी बांध रखी थीं, उदयपुर में एक बहन आंसू भरी आंखों से दरवाजे पर टकटकी लगाए भाई का इंतजार कर रही थी। दिन खत्म हो गया, लेकिन इंतजार खत्म नहीं हुआ।

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सिर्फ बहन डिंपल ही नहीं, उदयपुर के रकमपुरा इलाके का पूरा भावसार परिवार 2 महीने से बेटे रवि के लौटने का इंतजार कर रहा है। 28 साल का ट्रैवल ऑर्गेनाइजर रवि भावसार इसी साल 17 जून को 17 लोगों को लेकर चारधाम की यात्रा के लिए निकला था।

वापसी में 26 जून को बस 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 8 लोग बच गए। 6 लोगों की मौत हो गई। वहीं ट्रैवलर बस और रवि समेत 4 लोगों का आज तक कोई सुराग नहीं मिल सका।

परिवार नाउम्मीद हो गया था। इस बीच 23 जुलाई को परिवार के पास आए एक फोन कॉल ने उनकी उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया। एक व्यक्ति ने बताया कि उनके बेटे को हाल ही में चमोली (उत्तराखंड) के पास बिरेही गांव में देखा गया है। इसके बाद से परिवार लगातार रवि की तलाश में है।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

तस्वीर पिछले साल रक्षाबंधन की है। सबसे आगे बच्चे को गोद में लिए रवि।

तस्वीर पिछले साल रक्षाबंधन की है। सबसे आगे बच्चे को गोद में लिए रवि।

घटनास्थल से 80 किलोमीटर दूर देखे जाने का दावा हादसे के बाद रवि की तलाश में माता–पिता, बहन डिंपल और चचेरे भाइयों ने उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, केदारनाथ, बद्रीनाथ, चमोली, रामपुर, हरिद्वार और रुड़की समेत करीब 300 किमी का एरिया छान लिया। रवि का काेई सुराग नहीं मिला।

स्थानीय पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। उन्होंने भी एनडीआरएफ की टीम के साथ सर्च अभियान चलाया, लेकिन रवि के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। परिजन वापस आ गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।

जुलाई में परिवार ने एक बार फिर रवि को ढूंढने के लिए रुद्रपयाग के घोड़तीर इलाके के आस–पास के सभी मंदिर, अस्पताल, गुरुद्वाराें, राहत कैंप, धर्मशालाओं और मॉर्च्युरी तक में तलाश की। इस बार भी नाउम्मीदी ही हाथ लगी।

इस साल का रक्षाबंधन गम में डूबा हुआ था। रवि को याद कर मां और बहन डिंपल की आंखें भर आईं।

इस साल का रक्षाबंधन गम में डूबा हुआ था। रवि को याद कर मां और बहन डिंपल की आंखें भर आईं।

अनजान फोन कॉल ने जगाई उम्मीद रवि के मिलने की आस धुंधली पड़ने लगी थी। 23 जुलाई को परिवार ट्रेन से वापस उदयपुर लौट रहा था। तभी एक अंजान नंबर से उन्हें कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स सुरेंद्र ने बताया कि वह देहरादून से हेमकुंड–बद्रीनाथ के बीच टैक्सी चलाते हैं।

उन्होंने बताया कि एक साधु बाबा उन्हें हरिद्वार में रास्ते में मिले, जिन्हें उन्होंने लिफ्ट दी थी। गोचर गांव के एक गुरुद्वारे में उन्होंने साधु को चाय पिलाई। वहां साधु ने रवि का लापता का पोस्टर देखा। साधु ने ड्राइवर को बताया कि यह लड़का तो कल मेरे साथ रात को पास में ही सोया था। यह जगह बस के खाई में गिरने से करीब 80 किमी दूर है।

साधु ने ड्राइवर को बताया कि उसके शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था, सिर में चोट लगी हुई थी, मानसिक हालत ठीक नहीं थी। पूछने पर जवाब नहीं दे पा रहा था। इशारे से बद्रीनाथ जी की ओर इशारा किया था। सुबह जब छह बजे आंख खुली तो वह जा चुका था।

साधु के यह सब बताने के बाद ड्राइवर ने पोस्टर पर दिए नंबर पर फोन पर परिवार को जानकारी दी। उस समय रवि का परिवार ऋषिकेश के मोतीचूर स्टेशन पर पहुंच चुका था। उन्होंने तस्दीक करने के लिए रवि के कुछ और फोटोग्राफ्स ड्राइवर को भेजे। ड्राइवर ने वो फोटो साधु को दिखाए।

जिन्हें देखकर साधु का यही दावा था कि उन्होंने इसी लड़के को देखा है। परिवार के कहने पर साधु ने स्थानीय नगरासु थाने में जाकर इस संबंध में जानकारी भी दी, लेकिन पुलिस वालों ने उसे भगा दिया।

परिवार ऋषिकेश से जब वापस ड्राइवर के पास गोचर पहुंचा तब तक साधु वहां से जा चुका था। तब से रवि के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि ड्राइवर लगातार परिवार के संपर्क में है और जानकारी शेयर कर रहा है।

उत्तराखंड पुलिस भी रवि को मिसिंग मानकर तलाश कर रही है। हालांकि परिजनों का कहना है कि पुलिस ने ज्यादा कोशिश नहीं की, वरना रवि मिल सकता था।

रुद्रप्रयाग में वह मोड़ जहां सामने से तेज गति में आते ट्रक को बचाते समय बस अनियंत्रित होकर 200 फीट गहरी खाई में गिर गई थी।

रुद्रप्रयाग में वह मोड़ जहां सामने से तेज गति में आते ट्रक को बचाते समय बस अनियंत्रित होकर 200 फीट गहरी खाई में गिर गई थी।

फरवरी में शुरू की ट्रैवल कंपनी, चार दिन पहले ही चारधाम से लौटा था बहन डिंपल ने बताया कि रवि ने फरवरी में ‘सब घूमो’ नाम से अपना ट्रैवल स्टार्टअप शुरू किया था। लोगों को कश्मीर, हरिद्वार, केदारनाथ, बद्रीनाथ समेत चार धाम की यात्रा करवाता था।

17 जून की सुबह जब वह गोगूंदा की सोनी फैमिली के 17 लोगों को लेकर चारधाम की यात्रा के लिए निकला था। इसके चार दिन पहले ही वह वह चारधाम की यात्रा से लौटा था। परिवार वालों ने उसे मना भी किया था कि अभी आया है इतनी जल्दी मत जा, लेकिन वह चला गया।

26 जून 2025 को हादसे वाले दिन सुबह 07:42 बजे उसने केदारनाथ से निकलने संबंधी पोस्ट भी शेयर की थी। इसके कुछ मिनट बाद ही उनकी बस रुद्रप्रयाग में एक तीखे मोड़ पर सामने से आ रही तेज रफ्तार गाड़ी को बचाने के चक्कर में 200 फीट गहरी खाई में गिर गई। हादसे में सोनी परिवार के आठ लाेगों की मौत हो गई, जबकि छह लोगों के शव सर्च और रेस्क्यू टीम ने बरामद किए। आज तक लापता चार लोगों में एक नाम रवि का भी है।

सोनी परिवार की एक महिला सदस्य हेमलता ने रवि के दोस्त आयुष को सुबह हादसे की जानकारी दी। साढ़े दस बजे आयुष ने रवि के जीजा गौरव को कॉल किया जो उस वक्त रवि की बहन डिंपल को लेकर जयपुर जा रहे थे। इसके बाद करीब डेढ़ बजे परिवार रुद्रप्रयाग के लिए रवाना हुआ था।

रवि के माता-पिता और बहन। परिवार ने अब तक रवि के मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी है।

रवि के माता-पिता और बहन। परिवार ने अब तक रवि के मिलने की उम्मीद नहीं छोड़ी है।

रवि और आठ चचेरे-ममेरे भाइयों को एक साथ बांधती थी राखी रवि और उसके चचेरे-ममेरे आठ भाई एक साथ डिंपल से राखी बंधवाते थे। इस साल राखी के दिन भास्कर टीम रवि के घर पहुंची तो पूरे घर में मातम पसरा हुआ था। डिंपल डबडबाई आंखाें से दरवाजे की ओर निहार रही थी। मां अलका का रो–रोकर बुरा हाल था। पिता सुरेश कुमार भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। भाई को राखी बांधने घर आई बुआ लीला भी फूट–फूटकर रोने लगीं।

हादसे वाले दिन बुआ लीला को पति ने टीवी पर न्यूज दिखाते हुए बताया कि उदयपुर के चारधाम यात्रियों की बस खाई में गर गई है। लीला ने इस पर बहुत ध्यान नहीं दिया। बाद में पता चला कि उनका भतीजा भी हादसे का शिकार हो गया है।

बहन डिंपल बोली- अगर पुलिस साधु के बताए हुलिए और लोकेशन पर गहनता से सर्च करे तो उनका भाई शायद मिल जाए। स्थानीय पुलिस का रवैया लगातार टरकाने का बना हुआ है।

परिजनों का आरोप है कि खतरनाक मोड़ होने के बाद भी न तो कोई चेतावनी बोर्ड था न ही कोई सुरक्षा दीवार। परिजनों का कहना है कि यह बोर्ड हादसे के बाद लगाया गया है।

परिजनों का आरोप है कि खतरनाक मोड़ होने के बाद भी न तो कोई चेतावनी बोर्ड था न ही कोई सुरक्षा दीवार। परिजनों का कहना है कि यह बोर्ड हादसे के बाद लगाया गया है।

लगातार रवि की तलाश में जुटा परिवार

17 जुलाई : रवि को खोजने के लिए परिवार उदयपुर से हरिद्वार पहुंचा।

18 जुलाई : हरिद्वार के हॉस्पिटल, पुलिस स्टेशन, रामपुर, रुड़की में रवि की तलाश की।

19 जुलाई : ऋषिकेश के बाद रुद्रप्रयाग, घोलतीर, स्थानीय गांवों में भी तलाश की और हर जगह गुमशुदगी के पोस्टर लगाए।

20 जुलाई : जोशीमठ में तलाश की।

21 जुलाई : रामपुरा, चमोली, गोपेशवर, अस्पताल, पुलिस थाना, कर्णप्रयाग में भी तलाश की।

22 जुलाई : रुद्रप्रयाग वापस आ गए।

23 जुलाई : शाम सवा छह बजे ड्राइवर ने कॉल कर रवि के बारे में जानकारी दी। परिवार वापस हरिद्वार पहुंचा।

उत्तराखंड में राजस्थान के श्रद्धालुओं से भरी बस नदी में गिरने की यह खबर भी पढ़िए…

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उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी में एक ट्रैवलर गिर गई। बस में सवार 20 लोगों में से 7 लोग राजस्थान के थे। हादसे में मध्य प्रदेश और गुजरात के 2 लोगों समेत 3 की मौत हो गई है, जबकि 8 घायल हो गए। पढ़ें पूरी खबर…



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