स्क्रैप पॉलिसी के नाम पर फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर इससे सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाने का स्कैंडल हो रहा है। यह घोटाला राजस्थान के साथ ही यूपी, गुजरात एवं मुंबई में धड़ल्ले से हो रहा है। दैनिक भास्कर ने जब इन्वेस्टिगेशन की तो स्क्रैप पॉलिसी को ही क
15 साल से पुराने वाहन स्क्रैप करने के लिए ऑथोराइज सेंटर पर देने पर वहां से एक सर्टिफिकेट जारी होता। यह सर्टिफिकेट नए वाहन की खरीद के वक्त दिखाने पर टैक्स में छूट मिलती, जो कि 1 लाख रु. तक भी हो सकती है। हालांकि स्क्रैप पॉलिसी को ही दलालों, ग्राहकों और ऑटोमोबाइल एजेंसियों ने कबाड़ कर दिया है। जिन सेंटर्स को स्क्रैप वाहन लेकर सर्टिफिकेट देने का जिम्मा दिया था, इनमें से कई विश्वासघात कर रहे हैं।
कई सेंटर्स बिना स्क्रैप के लिए वाहन लिए ही फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर रहे हैं। इसमें दलाल भी सक्रिय हैं। दलाल फर्जी सर्टिफिकेट के 20 से 40 हजार रु. तक वसूलते हैं। इस फर्जी सर्टिफिकेट को दिखाकर ऑटोमोबाइल डीलर से टैक्स बेनेफिट लिया जाता है। अंत में यह करोड़ो रुपए का भार सरकार पर ही पड़ता है। इस स्कैंडल की एक-एक कड़ी खोलने के लिए भास्कर टीम ने स्वयं ऐसा फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया। इसके लिए स्क्रैप में कोई वाहन नहीं बल्कि दलाल को 5 हजार एवं सर्टिफिकेट के 32 हजार रु. दिए। भास्कर ने राजस्थान में स्कैंडल के खुलासे के लिए यहां के सेंटर से भी फर्जी सर्टिफिकेट प्राप्त किया।

राजस्थान में 3 सेंटर, यूपी स्थित सेंटर का दिया स्क्रैप सर्टिफिकेट
राजस्थान में तीनों सेंटर जयपुर व आसपास हैं। ये सेंटर भी फर्जी सर्टिफिकेट बेच रहे हैं। इसके लिए कोई कबाड़ वाहन स्क्रैप सेंटर पर नहीं देना पड़ता है। वहीं परिवहन विभाग का दावा है कि बिना वाहन दिए सर्टिफिकेट नहीं ले सकते। भास्कर टीम ने जो सर्टिफिकेट बनवाया, उसका एड्रेस मुंबई के सेंटर का है। जबकि दलाल ने बताया कि यह यूपी के एसएस इंटरप्राइजेज सेंटर से बनाकर दिया गया है।

“स्क्रैप सेंटर की शिकायतें तो मिल रही थीं। पुराना या कबाड़ वाहन दिए बगैर अगर सर्टिफिकेट दे रहे है तो यह गलत हो रहा है। मैं पूरे मामले की जांच करवाती हूं। जिस सेंटर से भी ऐसा अनुचित कार्य हो रहा है, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” -शुचि त्यागी, कमिश्नर, ट्रांसपोर्ट विभाग
“ये सर्टिफिकेट तो बिलकुल असली है। अगर इसे बिना कबाड़ वाहन दिए बनवाया जा रहा है तो इस फर्जीवाड़े में एक्शन होगा।” -जेपी बैरवा, आरटीओ जोधपुर
नई गाड़ी खरीदने पर टैक्स में 25% तक छूट है
- पुराना वाहन स्क्रैप करवाने व सर्टिफिकेट दिखाने पर नए वाहन की खरीद के टैक्स में 25% छूट मिलती है।
- यह छूट वाहन की कीमत पर निर्भर। जितना महंगा वाहन उतनी ज्यादा छूट।
- उदाहरण- इनोवा क्रिस्टा के एक मॉडल की एक्स शोरूम कीमत 26 लाख रु.। इस पर टैक्स 12% से 3.12 लाख रु. लगता है। स्क्रैप सर्टिफिकेट दिखाने पर इसमें 25 प्रतिशत, यानी 78 हजार रु. छूट मिलेगी।
दलालों की चेन में सबका कमीशन, 3 दिन में सर्टिफिकेट
भास्कर टीम ने जोधपुर के दलाल से स्क्रैप सर्टिफिकेट के लिए संपर्क किया। उसने 5 हजार रु. ले जयपुर के दलाल राजेश यादव से कॉन्टेक्ट करवाया। यादव से सर्टिफिकेट का सौदा 32 हजार रु. में तय हुआ। 20 हजार जमा करवाने पर यादव ने आधार कार्ड, पेन कार्ड मंगाए। 2 दिन में 3 बार अलग-अलग ओटीपी मांगें। तीसरे दिन उसने 12 हजार रु. और लिए। कुछ देर बाद सर्टिफिकेट मोबाइल पर भेज दिया।
40 हजार रु. लगेंगे, कबाड़ वाहन भी नहीं देना होगा
भास्कर ने जोधपुर के प्रतापनगर और पाली रोड स्थित अलग–अलग डीलर के यहां नई कार खरीदने की बात की। रिपोर्टर ने पूछा- स्क्रैप सर्टिफिकेट मिल जाएगा? जवाब मिला- हां, 40 हजार रुपए लगेंगे। कोई टेंशन नहीं है। आपको तो कबाड़ वाहन भी नहीं देना है। आपको नई कार लेने पर 60 हजार रु. से अधिक फायदा होगा।
दलाल बोले- असली सर्टिफिकेट है, पूरी छूट मिलेगी
भास्कर : बिना कबाड़ कार के स्क्रैप सर्टिफिकेट मिलेगा? यादव: मिल जाएगा, 35 हजार रुपए लगेंगे। भास्कर : ये तो बहुत ज्यादा है, कुछ कम करो यादव : एक ही भाव है, चलो 3 हजार कम दे देना। भास्कर : पैसे जयपुर लाता हूं, सर्टिफिकेट दे देना? यादव : आने की जरूरी नहीं, ऑनलाइन हो जाएगा। भास्कर : सर्टिफिकेट से कार शोरूम से छूट मिलेगी? यादव : बिलकुल, यह असली सर्टिफिकेट ही तो है।
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