ब्रह्म ऋषि तुलछाराम महाराज और महामंडलेश्वर वासुदेवाचार्य महाराज ने जसोलधाम में दर्शन किए। शारदीय नवरात्र पर्व के पांचवें दिन पंचमी के अवसर पर जसोलधाम स्थित श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती से ही दर्शन क
ब्रह्म सावित्री पीठाधीश्वर तुलछाराम महाराज (श्री खेतेश्वर ब्रह्मधाम तीर्थ, आसोतरा) और कूबा पीठ, झीतड़ा, रोहट के महामंडलेश्वर वासुदेवाचार्य महाराज ने जसोलधाम का दौरा किया। संस्थान की ओर से पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता महंत नारायण गिरी महाराज और संस्थान समिति सदस्य कुंवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल ने संत-महात्माओं का स्वागत किया।

दर्शन के बाद तुलछाराम महाराज ने नवरात्र पर्व के उपलक्ष्य में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान में पूजा-अर्चना कर आहुतियां दी।
संत-महात्माओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा के दर्शन कर संपूर्ण जगत के कल्याण के लिए मंगलकामनाएं कीं। दर्शन के बाद तुलछाराम महाराज ने नवरात्र पर्व के उपलक्ष्य में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान में पूजा-अर्चना कर आहुतियां दी।
आसोज शुक्ल पक्ष पंचमी पर जसोलधाम में आस्था का सैलाब उमड़ा। सुबह मंगला आरती से ही भक्त दर्शनों के लिए कतारबद्ध हो गए थे और दिनभर ये सिलसिला जारी रहा। मंदिर प्रांगण ‘श्री राणीसा भटियाणीसा की जय’ और अन्य जयकारों से गूंजता रहा, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया।

दर्शन के बाद तुलछाराम महाराज ने नवरात्र पर्व के उपलक्ष्य में चल रहे धार्मिक अनुष्ठान में पूजा-अर्चना कर आहुतियां दी।
इस अवसर पर झंवर परिवार मोतीलाल, घनश्याम और राधेश्याम झंवर, निवासी गिराजसर, हाल कोलकाता और चांडक परिवार कंवरलाल और देवकिशन चांडक, निवासी बाप, हाल कोलकाता को छप्पन भोग अर्पण करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इन परिवारों ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा,श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना जी, श्री खेतलाजी और काला-गौरा भैरूजी के मंदिरों में छप्पन व्यंजनों का भोग लगाया।
कन्या पूजन व प्रसाद वितरण छप्पन भोग अर्पण के बाद महंत नारायण गिरी महाराज के पावन सान्निध्य में लाभार्थी परिवारों ने जसोल नगर पालिका सर्व समाज की कन्याओं का विधिवत पारंपरिक रूप से पूजन कर उन्हें फल-प्रसाद एवं दक्षिणा प्रदान की।

संत-महात्माओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा के दर्शन कर संपूर्ण जगत के कल्याण के लिए मंगलकामनाएं कीं।
सांस्कृतिक झलकियां मंदिर प्रांगण में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान मालाणी सांस्कृतिक कला केंद्र, जसोल के स्थानीय कलाकारों ने परंपरागत गैर नृत्य प्रस्तुत कर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं, दमामियों ने ढोल और थाली की मधुर टंकार से भक्तिमय वातावरण को और प्रखर कर दिया। इन झलकियों ने भक्तजनों को भाव-विभोर किया और श्रद्धालु मां जसोल के श्रीचरणों में अपनी आस्था अर्पित करते हुए नजर आए।
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