☜ Click Here to Star Rating



बांसवाड़ा के मोटागांव से 2 व्यापारी दोस्त लापता हुए। इसके बाद माही नदी में एक व्यापारी का शव मिला। दूसरे दिन कार भी नदी से निकाल ली गई। लेकिन दूसरे व्यापारी की डेडबॉडी नहीं मिली। पुलिस उसे नदी में तलाश करती रही। 8 दिन बाद दूसरा व्यापारी रतलाम (मध्य प्

.

जानकारी के अनुसार- मोटागांव के दो व्यापारी सुरेश सोनी और हर्षित शर्मा लापता हो गए। इनमें सुरेश सोनी का शव लापता होने के 4 दिन बाद भीलूड़ा के पास माही नदी में तैरती मिली थी। एक दिन बाद कार भी नदी में मिल गई।

संभावना जताई जा रही थी कि यह एक हादसा था। दोनों दोस्त कार सहित नदी में गिर गए और हर्षित की लाश भी नदी में ही होगी। एसडीआरएफ की टीमें लगातार हर्षित को नदी में तलाश रही थी।

लेकिन हर्षित के एकाएक रतलाम होने की सूचना पर पुलिस वहां पहुंची और जब उनको वहां हर्षित मिला तो पुलिस के होश उड़ गए। हर्षित को पुलिस पकड़कर ले आई और उसे खमेरा थाने में रखा गया है।

बार-बार गुमराह कर रहा हर्षित

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार- पूछताछ में हर्षित बार-बार बयान बदलकर पुलिस को गुमराह कर रहा है। इसलिए पुलिस सोमवार देर रात तक भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई। मामले की जांच में जुटी मोटागांव पुलिस को 14 सितंबर को हर्षित के बारे में इनपुट मिले थे।

मुखबिर ने पुलिस को खबर दी थी कि हर्षित जिंदा है और उसके अहमदाबाद, मुंबई या रतलाम में होने की संभावना है। उसने अपने परिजनों से भी संपर्क किया है।

इसके बाद पुलिस ने हर्षित और परिजनों के मोबाइल कॉल डिटेल खंगाली। कॉल डिटेल से पुलिस पूरी तरह आश्वस्त हो गई। इसके बाद पुलिस रात को ही हर्षित को पकड़ने के लिए रवाना हो गई।

सूत्रों के अनुसार- रतलाम के नजदीक हर्षित को पुलिस ने पकड़ लिया।

मोटागांव थानाधिकारी रामसिंह ने बताया- हर्षित को तलाश लिया है। लेकिन घटना को लेकर अभी पूछताछ बाकी है। इस बारे में जांच के बाद ही कुछ कह पाएंगे।

बड़ा सवाल- अगर हादसा हुआ तो बचने के बाद हर्षित छुपा क्यों रहा

बड़ा सवाल यह है कि यदि हादसा था और कार नदी में गिरने बाद हर्षित पानी से निकलर वहां से बचकर भागा तो भागने का कारण क्या? पुलिस का मानना है कि हर्षित के जिंदा बचने के बाद सबके सामने भी तो आ सकता था।

हर्षित के जिंदा होने के बावजूद सामने नहीं आना ही उसकी ओर से कुछ गलत करने की ओर इशारा करता है। हर्षित यदि हादसे में जिंदा बच गया था तो वह 8 दिन तक भाग क्यों रहा था।

पुलिस को इन सवालों के जवाब की तलाश

अगर हर्षित ने सुरेश सोनी को मारा है तो उसने ऐसा क्यों किया? प्रथम दृष्टया पुलिस हत्या की आशंका के एंगल पर ही जांच कर रही है। हत्या की संभवना भी इसलिए कि यदि हादसा होता तो फिर हर्षित जिंदा कैसे बचा? इसलिए पुलिस का पहला एंगल हत्या ही है।

पुलिस अब अलग-अलग एंगल से हर्षित, उनके परिजन, परिचितों, सुरेश के परिजनों से बात करके हत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश में जुटी हुई है। क्या दोनों के बीच जमीन, रुपए या प्रेम-प्रसंग का विवाद था।

कार में हर्षित की चप्पलें मिली हैं, क्या हर्षित ने चप्पलें केवल यह दिखाने के लिए कार में जान-बूझकर छोड़ी कि उसका भी हादसे में बह जाना मान लिया जाएगा? लेकिन दूसरा एंगल में पुलिस फिर उलझ गई कि जब हर्षित ने शातिर तरीके से रमेश को मारा तो फिर इतनी जल्दी वापस उसने परिजनों से संपर्क क्यों किया?

क्या हर्षित भी किसी साजिश का शिकार है? या फिर हादसे के बाद वह वाकई आश्चर्यजनक रूप से जीवित बाहर निकल आया था?

हर्षित हादसे में जिंदा बच गया तो 8 दिन तक भागा क्यों ?

क्या छुपाना चाहता था, पुलिस को इसमें सस्पेंस लग रहा है कि हर्षित उनसे कुछ छुपा रहा है?

हर्षित भागकर रतलाम कैसे पहुंचा क्या दोनों दोस्तों के अलावा इस मामले में कोई तीसरा व्यक्ति भी है। क्या किसी ने हर्षित की मदद की ? क्या हर्षित हादसे में जिंदा बच गया लेकिन डर के मारे वह बाहर निकलकर फंस जाने के डर से भाग गया?

पुलिस ने हर्षित से 20 से ज्यादा प्रश्न पूछे, वह टालता रहा

पुलिस हर्षित से हत्या करने, विवाद, हादसे की संभावना, भागने के कारण, घर से दोनों साथ निकलने के कारण, पहले दिन दोनों की ओर से एक साथ 126 किलोमीटर एक साथ घूमने के कारण, दोनों के पारिवारिक दोस्ती और विवाद, प्रेम प्रसंग, पैसों के लेन-देन, एक-दूसरे की तरक्की से जलन, प्रेमिका सहित इससे जुड़े हुए 20 से अधिक सवाल पूछे हैं।

पुलिस ने अलग-अलग एंगल से कई बार यह जानने की कोशिश की लेकिन हर बार हर्षित ने पुलिस गुमराह किया। अब पुलिस नए सिरे से सवाल तैयार कर रही है।

सबसे बड़ा सहारा कॉल डिटेल

पुलिस अब हर्षित, सुरेश, उनके परिजनों, पत्नियों सहित अन्य नजदीकी दोस्तों के बीच पिछले पांच-सात महीनों में हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग के डेटा भी खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि कॉल डिटेल से कुछ क्लू मिल सकता है।

इस मामले के दो ही चश्मदीद थे। पहला- सुरेश जो मर चुका है और दूसरा-हर्षित जो जिंदा है और सस्पेक्टेट भी।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading