पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बरकत।
अलवर पुलिस के इतिहास में साइबर फ्रॉड का सबसे बड़ा मामला पकड़ में आया है। आरोपी के 8 बैंक खातों में 6 महीने में 19 करोड़ रुपए आ गए। यह रकम देश के कई राज्यों के लोगों की है जो साइबर फ्रॉड करने वालों के झांसे में आ गए।
आरोपियों ने लोगों के साथ अलग-अलग तरीके से फ्रॉड कर इतनी बड़ी रकम ऐंठ ली। पुलिस को देश के अलग-अलग राज्यों से 32 शिकायतें मिली थी। उनकी जांच में अलवर की वैशाली नगर थाना पुलिस को बरकत के बैंक खाते की जानकारी मिली। उसके बाद आरोपी बरकत को 3 सितंबर को अरेस्ट कर लिया। आरोपी बरकत रैणी थाने में तैनात कॉन्स्टेबल शौकत का भाई है।
एसपी सुधीर चौधरी ने शुक्रवार को दोपहर करीब 1 बजे साइबर फ्रॉड के इस मामले का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि अलवर की वैशाली नगर थाना पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले एक ऐसे आरोपी को पकड़ा है, जिसके ठिकाने से 19 करोड़ 45 लाख रुपए के लेन-देन के डॉक्यूमेंट्स मिले हैं। आरोपी के मकान से 17 चेकबुक, 5 पास बैंक बुक, 14 एटीएम कार्ड, कई लोगों के हस्ताक्षरशुदा चेक, आधारकार्ड, पैन कार्ड, दो स्वाइप मशीन, तीन बैंकों के क्यूआर कोड स्कैनर भी मिले हैं।
उन्होंने कहा कि जब बैंक खातों में आई रकम को जोड़ा गया तो 19 करोड़ 45 लाख रुपए हुए। एक ही व्यक्ति के पास से इतनी बड़ी रकम पहली बार मिली है। फिलहाल पुलिस गहनता से जांच में लगी है।

पुलिस को बैंक पासबुक, एटीएम, क्यूआर कोड, स्वाइप मशीन समेत अन्य डॉक्यूमेंट्स मिले हैं।
एसपी ने कहा

आरोपी बरकत के भाई पुलिसकर्मी की भूमिका सामने नहीं आई है। जांच में खाता धारक बरकत अली पुत्र मोहम्मद निवासी गोपालगढ़, डीग का अलग-अलग पते पर आधार कार्ड, पेन कार्ड और पासपोर्ट होने की जानकारी मिली थी। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर वैशाली नगर स्थित पानी की टंकी के पास से उसे 3 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया। उसने अलवर के सूर्यनगर में किराए पर रहना बताया है।दो पत्नी रखता है आरोपी

दो पत्नियां रखता है
पुलिस अनुसार बरकत दो पत्नी रखता है। एक के बच्चे हैं। दूसरी के नहीं हैं। दोनों अलग-अलग रहती हैं। आरोपी बरकत कई साल से अलवर में रह रहा है। एक बैंक में ही फील्ड का काम करता था। जो छोड़ दिया ता। पिछले करीब 6 महीने से फ्रॉड के काम में लगा है। इस कारण ज्यादातर पैसा पिछले 6 महीने की ठगी का है।
फर्म के खाते में लेते थे मोटी रकम
पुलिस ने बताया कि आरोपी बरकत ने फर्म भी बना रखी थी। उसके खाते में ही मोटी रकम लेते थे। इसके अलावा अन्य बैंक खातों में भी पैसा आता था। यह पैसा क्रिप्टोकरेंसी में भी खपता था। इसके भी सबूत भी मिले हैं। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments