![]()
मैन स्टेट हाई-वे संख्या 95 पर बालरवा गांव में बिना अनुमति खंभे खड़े करने को लेकर उपजा विवाद। ग्रामीणों के विरोध के बाद एक बार फिर रुकवाया गया काम।
जोधपुर-तिंवरी रोड पर स्थित बालरवा गांव में कटाण मार्ग पर सोलर कंपनी के इशारे पर निजी तौर पर बिजली के पोल खड़े करने को लेकर पिछले 20 दिनों से चल रहा विवाद अब बढ़ने लगा है। स्थानीय सरपंच के पति की मिलीभगत से यह कार्य कथित तौर पर बिना किसी कानूनी अनुमति
दरअसल, सोमवार सुबह यहां एक बार फिर जेसीबी से खड्डे करके खंभे खड़े कराने का काम शुरू किया गया, तो पहले से विरोध कर रहे ग्रामीण भी यहां पहुंच गए। कई घंटे तक यहां विवाद जारी रहा। बाद में इसकी सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और काम रुकवाया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य पूरी तरह से अवैध है और प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी करते हुए किया जा रहा है। पूर्व में भी इस अवैध कार्य का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने पुलिस को मौके पर बुलाकर काम रुकवाया था, लेकिन इसके बावजूद दो से तीन बार पुनः जबरन खंभे खड़े करने की कोशिश की गई है।
इस संबंध में पूछे जाने पर बालरवा सरपंच प्रतिनिधि सांवर परिहार ने पहले ग्राम पंचायत की अनुमति होने का दावा किया। लेकिन अनुमति की प्रतिलिपि भेजने के अनुरोध के बाद उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया, जिससे उनकी भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जेडीए के नाम दर्ज है खसरा
यह मामला खसरा नंबर 378/1, 379/2, 388/1 से संबंधित है, जो जोधपुर विकास प्राधिकरण के नाम दर्ज हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यहां पर बिना किसी वैध प्रशासनिक अनुमति के बिजली के टॉवर लगाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि स्टेट हाइवे-95 (जोधपुर-देचू) के मार्ग अधिकार के अंदर, मात्र 10-12 फीट की दूरी पर भी टावर खड़ा किये जा रहे हैं, जबकि यहां भी सक्षम अधिकारियों से कोई परमिशन नहीं ली गई है।
इसी को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments