छात्र-छात्रओं ने पूर्व मुख्यमंत्री का पुतला जलाकर अपना विरोध जताया।
राजस्थान में छात्रसंघ चुनावों की बहाली की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कार्यकर्ता व छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री भज

कलेक्ट्रेट के सामने प्रदर्शन करते हुए (ABVP) कार्यकर्ता
एबीवीपी कार्यकर्ता व छात्र-छात्राओं ने मंगलवार की दोपहर करीब 1 बजे जालोर आहोर रोड़ स्थित वीर वीरमदेव महाविद्यालय से रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने राजस्थान की पूर्व सरकार व पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ प्रदर्शन नारेबाजी की और कहा कि छात्रसंघ चुनावों को स्थगित करना न केवल छात्र हितों की अवहेलना थी, बल्कि यह राज्य की लोकतांत्रिक परंपराओं को भी आघात पहुंचाने वाला फैसला था। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा,राज्यपाल हरिभाऊ बागडे व मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग के नाम कलेक्टर डॉ प्रदीप के गवांडे को ज्ञापन दिया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्रसंघ केवल चुनाव का माध्यम नहीं, बल्कि नेतृत्व, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों की नींव है। छात्रसंघ के माध्यम से ही विद्यार्थी जीवन में सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने बताया कि यदि शीघ्र कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद राज्यभर के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में जोरदार आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होंगी।

पूर्व मुख्यमंत्री का पुतला दहन करते हुए ABVP कार्यकर्ता।
एबीवीपी ने उठाई ये प्रमुख मांगें:
- – छात्रसंघ चुनावों की शीघ्र अधिसूचना जारी की जाए।
- – राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार चुनाव कराए जाएं।
- – छात्रसंघ चुनावों के लिए स्थायी वार्षिक कैलेंडर घोषित किया जाए।
- – यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक या कानूनी अड़चन हो तो छात्रों से संवाद कर समाधान निकाला जाए।

मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देते हुए प्रदर्शनकारी छात्र।

प्रदर्शनकारी रैली के रूप में पहुंचे कलेक्ट्रेट।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments