पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में आरएसएस की अखिल भारतीय आउटरीच टीम के सदस्य रवि कुमार अय्यर पहुंचे।
पूर्णिमा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में आरएसएस की अखिल भारतीय आउटरीच टीम के सदस्य रवि कुमार अय्यर पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि अंग्रेजों की ओर से यह विचार प्रचारित किया गया था कि गणित की उत्पत्ति ग्रीस से हुई, लेक
‘भारत को जानें, भारत को मानें, भारत के बनें और भारत को बनाएं’ विषय पर आयोजित सत्र हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पूर्णिमा ग्रुप के निदेशक, आर्किटेक्ट राहुल सिंघी ने मुख्य वक्ता अय्यर का स्वागत किया।

‘भारत को जानें, भारत को मानें, भारत के बनें और भारत को बनाएं’ विषय पर सत्र आयोजित किया गया।
उन्होंने नमस्ते का वास्तविक अर्थ समझाते हुए इसकी सांस्कृतिक गहराई और महत्व पर प्रकाश डाला और भारत की समृद्ध बौद्धिक विरासत पर जोर दिया। अय्यर ने राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए स्टूडेंट्स को प्रोत्साहित करते हुए सप्ताह में एक घंटा इंटरनेट पर भारत की किसी भी समस्याओ में से एक समस्या का समाधान निकलने के लिए समय देने की अपील की, जो देश को मजबूत बनाने में सहायक होगा। नवोदित इंजीनियरों को जुगाड़ टेक्नोलॉजी पर भी काम करना चाहिए क्योंकि इसमें ज्यादा खर्च नहीं होता और गरीब लोगो की समस्याओं का समाधान हो जाता है।

उन्होंने नमस्ते का वास्तविक अर्थ समझाते हुए इसकी सांस्कृतिक गहराई और महत्व पर प्रकाश डाला और भारत की समृद्ध बौद्धिक विरासत पर जोर दिया।
अय्यर ने भारत की वीरांगनाओं से प्रेरणा लेते हुए महिला सशक्तिकरण पर भी बात की। इसके अलावा, उन्होंने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलकियाँ साझा की, जिससे छात्रों को अपनी परंपराओं पर गर्व करने और भारत को विश्व गुरु बनाने की आकांक्षा रखने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि भारत जल्द विश्व गुरु बनेगा। सत्र के अंत में डीन (अकादमिक) डॉ. रेखा नायर द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
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