जिले के शहरी निकायों में मूल काम छोड़कर विभिन्न कार्यालयों व बंगलों पर सेवाएं दे रहे नगरनिकायों के सफाई कार्मिकों को वापस लौटना होगा। इसे लेकर स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने सभी नगर निकायों के आयुक्त व ईओ को निर्देश दिए हैं। इन सफाई कर्मचारियों को व
सभी नगरीय निकायों नगर परिषद व नगर पालिका में सफाई कर्मचारी के पद पर नौकरी लगे सफाई कर्मचारियों से कार्यालयों में कार्य नहीं कराया जा सकेगा। ऐसा नहीं करने पर संबधित सफाईकर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी। नगरीय निकायों के आयुक्त व ईओ को सफाई कर्मचारियों की क्षेत्रवार हाजिरी गूगल शीट पर हर महीने अपलोड कर निदेशालय भिजवाने के भी निर्देश दिए हैं। अभी जिले के कई निकायों के कार्यालयों में सफाई कर्मचारी सहायक कर्मचारी के तौर पर सेवा दे रहे हैं। इससे निकायों को हर महीने ठेकेदारों से सफाई करवानी पड़ रही है। जबकि 2018 में सफाई कर्मचारियों की भर्ती हो चुकी है।
जिले के नगर निकायों में 2018 में लगे सफाई कर्मचारी मूल कार्य सफाई छोड़कर नगर निकाय के कार्यालयों में बाबू, सहायक कर्मचारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का काम कर रहे है। जबकि भर्ती के दौरान सीधे कैटेगिरी वाइज लॉटरी निकाली गई थी और सफल रहे अभ्यर्थियों को सफाई कर्मचारी पद पर लगाया गया था। लेकिन कई सफाई कर्मचारी अपने मूल काम शहर की सफाई को छोड़कर निकायों के दफ्तरों और दूसरे विभागों में काम कर रहे है। कई सफाई कर्मचारी प्रशासनिक अधिकारियों के आवास पर सेवाएं दे रहे हैं। चयनित कर्मचारियों के सफाई कार्य नहीं करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इससे शहर व कस्बों की सफाई का कार्य प्रभावित हो रहे है। जिसके लिए निकायों को सफाई कार्य के लिए हर महीने ठेकेदारों व अनुबंधित कर्मचारियों को लाखों रुपए का भुगतान देना पड़ता है।
सीधे निदेशालय से उपस्थिति की होगी जांच, निकाय को एरिया वाइज उपस्थिति शीट भेजनी पड़ेगी स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक ने आदेश में प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को सफाई कर्मचारियों को मूल काम में लगाने के साथ ही हर दिन की उपस्थिति गूगल शीट में निदेशालय को भिजवाने के निर्देश दिए है। इसमें हर महीने निकाय संबधित सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति का डेटा निदेशालय को भिजवाएंगा। जिसके आधार पर निदेशालय सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति व कार्यस्थल को लेकर पूरी निगरानी रखेगा। इसके साथ ही मूल पद का कार्य नहीं करने वाले सफाई कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी प्रस्तावित की जाएगी। निकायों में दफ्तरों में काम करने के अलावा कई कर्मचारी दूसरे विभागों या जगहों पर काम करके अपने मूल काम से बच रहे है। ऐसे कर्मचारियों को भी निकायों में वापस बुलाने के निर्देश दिए है। कई कर्मचारी अभी जिलों में कलेक्ट्रेट या दूसरे दफ्तरों में काम कर रहे है। उन कर्मचारियों को भी निकायों में वापस बुलाने और मूल काम में लगाने के लिए कहा है।
सफाई कर्मचारी के मूल काम करने से इंकार करने पर उसके खिलाफ विभाग के स्तर पर कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिए है। स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक पहले भी कई बार सफाई कर्मचारियों से मूल पद का कार्य कराने के निर्देश दे चुके है। इससे पहले 9 जनवरी 2024 को तत्कालीन निदेशक व विशिष्ट सचिव ह्नदेश कुमार शर्मा ने आदेश जारी किया था। इसमें प्रदेश के नगर निकायों में पदस्थापित सफाई कर्मचारियों को उनके मूल पद सफाई कार्य के लिए तत्काल उपस्थिति देने के निर्देश दिए थे। सफाई कर्मचारी के सफाई संबंधी कार्य नहीं करने की स्थिति में संबधित निकाय के प्रभारी अधिकारी को कार्मिक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए जनवरी 2024 से वेतन भत्ते का भुगतान नहीं करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इसके बावजूद जिले में इन निर्देशों की पालना नहीं कराई जा सकी। नगर परिषद के 38 कर्मचारी वर्तमान में दूसरे विभागों व प्रशासनिक अधिकारियों के बंगलों पर काम कर रहे है।
Discover more from Kuchaman City Directory
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
Comments