राधारमण का दूध, दही, घी, शहद और पुष्पों से महाअभिषेक किया गया।
जयपुर के गुप्त वृन्दावन धाम में राधाष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। भक्तों ने राधा रानी का स्वागत पुष्पों और दीपों से सजाए गए मंदिर में किया।
राधारमण का दूध, दही, घी, शहद और पुष्पों से महाअभिषेक किया गया। उन्हें 56 भोग लगाया गया और महाआरती की गई। भक्तों ने संकीर्तन और जयघोष से वातावरण को भक्तिमय बनाया।

गुप्त वृन्दावन धाम के अध्यक्ष अमितासना दास ने राधाष्टमी के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि यह पर्व जन्माष्टमी के पंद्रह दिन बाद, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है।
इस वर्ष राधाष्टमी 31 अगस्त, रविवार को मनाई गई। यह विशेष संयोग है क्योंकि राधा रानी का आविर्भाव भी रविवार को हुआ था। राधा रानी को कृष्ण की अह्लादिनी शक्ति माना जाता है। वे गोपियों में प्रमुख और भगवान कृष्ण की सर्वश्रेष्ठ भक्त हैं।
अमितासना दास ने यह भी बताया कि भगवान कृष्ण की भक्ति में आगे बढ़ने के लिए राधा रानी का आशीर्वाद आवश्यक है।
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