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पिछले दो साल से कोमा में चल रहे कॉमर्शियल टैक्स ऑफिसर का वेतन जारी नहीं करने के मामले में आज राजस्थान हाई कोर्ट ने कमर्शियल टैक्स आयुक्त को तलब किया। जस्टिस रवि चिरानियां ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि एक महीने भी अगर सैलरी नहीं मिलती है तो पूरे पर
यहां तो व्यक्ति कोमा में है, उनके ट्रीटमेंट में बड़ा खर्च हो रहा है। ऐसी स्थिति में वह कैसे सरवाइव कर रहे हैं।
अदालत ने कोर्ट में वीसी के जरिए पेश हुए फाइनेंस सेकेट्री कुमार पाल गौत्तम को निर्देश दिए कि टैक्स अधिकारी का बकाया वेतन 7 दिन के अंदर जारी करें। अदालत ने कहा कि दिवाली भी आने वाली हैं, ऐसे में अगर वेतन जारी करने में कोई भी बाधा है तो उसे दूर करके वेतन जारी किया जाए।
हाई कोर्ट ने यह आदेश कमर्शियल टैक्स ऑफिसर सुरेंद्र सिंह चरावा की पत्नी मेघा कंवर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
अगस्त 2024 से विभाग नही दे रहा वेतन अधिवक्ता तनवीर अहमद ने बताया कि भीलवाड़ा में रहने वाले कमर्शियल टैक्स ऑफिसर सुरेंद्र सिंह चरावा को 7 अगस्त 2023 को ब्रेन हेमरेज हुआ था। उसके बाद से वह कोमा में चल रहे हैं। विभाग ने अगस्त 2024 तक उनकी लीव को एडजस्ट करके उन्हें वेतन जारी रखा।
लेकिन अगर 2024 से विभाग ने उनका वेतन बंद कर दिया। विभाग का कहना था कि उनकी अब कोई लीव नहीं बची हैं। ऐसे में हम उन्हें बिना काम के वेतन नहीं दे सकते हैं।
इस पर हमने हाईकोर्ट में याचिका लगाकर कहा की डिसेबिलिटी एक्ट कहता है कि अगर कोई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान डिसएबल हो जाता है तो विभाग यह दिखेगा की क्या वह कोई वैकल्पिक कम कर सकता है।
अगर वह शत प्रतिशत दिव्यांग है और कोई काम नहीं कर सकता तो भी विभाग उसके रिटायरमेंट तक हर माह उसे वेतन देगा।
लेकिन इस केस में कानून की पालना नही हुई। उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता प्रतापगढ़ में पोस्टेड थे।
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