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ब्रज भाषा की फिल्म ‘विमुक्त’ में शैली शर्मा ने की सिनेमैटोग्राफी की है।

टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में राजस्थान के बूंदी की बेटी शैली शर्मा ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। उनकी फिल्म ‘विमुक्त’ को NETPAC सर्वश्रेष्ठ एशियाई फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया है।

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फिल्म का विश्व प्रीमियर 50वें टोरंटो अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हुआ, जो 4 से 14 सितंबर तक आयोजित किया गया। जीतांक सिंह गुर्जर और पूजा विशाल शर्मा द्वारा निर्देशित यह फिल्म ब्रज भाषा में बनी है।

केशोरायपाटन, बूंदी की रहने वाली शैली शर्मा ने इस फिल्म में छायाकार, रचनात्मक निर्देशक और कार्यकारी निर्माता की भूमिका निभाई है। फिल्म एक गरीब दंपती के मानसिक रूप से अस्थिर बेटे की महाकुंभ तक की यात्रा को दर्शाती है।

शैली ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा केशोरायपाटन, बूंदी और कोटा से प्राप्त की। दिल्ली से कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने तीन साल पहले फिल्म क्षेत्र में प्रवेश किया।

शैली के अनुसार यह फिल्म एक साधारण परिवार की कहानी है, जिसे बिना किसी बड़े प्रोडक्शन हाउस या स्टारकास्ट के सहयोग से बनाया गया है। टोरंटो फिल्म फेस्टिवल जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक महिला छायाकार के रूप में उनके काम को विशेष सराहना मिली है।

TIFF प्रीमियर भारत में स्वतंत्र फिल्म निर्माण समुदाय के लिए एक “सशक्तिकरण क्षण” बन गया है।फिल्म महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन के दौरान 11 दिनों में बना कर पूरी की थी। शैली के अनुसार यह फिल्म भारतीय ग्रामीण क्षेत्रों से जूडे एक ऐसे दंपती की कहानी है, जो दिव्यांग बेटे को महाकुंभ ले जाने ओर मानसिक विकृति के कलंक से जूझते माता पिता के संघर्ष को दर्शाती है।

अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर पिता अशोक शर्मा बेहद खुश है ओर बताते है कि वह बचपन से ही रचनात्मक रूप से सशक्त रही है। आज इस उपलब्धि से उसने अपने पुरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है, जो एक गर्व की बात है।



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