भरतपुर के तुहिया गांव में रात में ड्रोन उड़ रहे हैं। डर के कारण लोग ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं। उन्हें रातभर गांव में पहरा देना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि चोर गांव में वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले चोर गांव में घुसे भी थे, लेकिन अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके।
इधर, एसपी दिगंत आनंद का कहना है कि अगर कोई बिना परमिशन के ड्रोन उड़ाता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे ड्रोन उद्योग नगर थाना इलाके के तुहिया गांव के युवक सूरज ने बताया कि रोजाना रात 9 बजे से ड्रोन उड़ना शुरू होते हैं। रात 12 बजे तक ड्रोन उड़ते रहते हैं।
इससे गांव में डर का माहौल बना हुआ है। ड्रोन 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ते हैं। एक किलोमीटर के दायरे में उड़कर वापस चले जाते हैं।
पिछले तीन दिन से ड्रोन उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। ऐसा पहले कभी नहीं देखा। रातभर गांव के लोग जाग रहे हैं। बाइक से गांव में पहरा दिया जा रहा है। ड्रोन के उड़ते हुए वीडियो भी बनाए हैं।

तुहिया गांव के लोगों ने रात को ड्रोन उड़ने के वीडियो भी बनाए हैं। गांव में आसमान में मंडराते ड्रोन की रोशनी।
रात में 4 से 5 ड्रोन उड़ते हैं तुहिया गांव के निवासी दिनेश ने बताया कि रात में 4-5 ड्रोन उड़ रहे हैं। इससे गांव के लोग डर के साये में हैं। पुलिस इस बात का पता लगाए कि यह ड्रोन कौन उड़ा रहा है और रात में ही ड्रोन क्यों उड़ाए जा रहे हैं?
बिना परमिशन के ड्रोन उड़ाने वालों पर होगी कार्रवाई एसपी दिगंत आनंद ने बताया कि तुहिया गांव में अनधिकृत ड्रोन उड़ाने की सूचना मिल रही है। हमें कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है। अपने सूचना तंत्र को एक्टिवेट किया गया है।

रेकी करने के लिए चोर उड़ाते हैं ड्रोन गांव के लोगों ने बताया कि तुहिया गांव उत्तर प्रदेश के मथुरा बॉर्डर से 10 किलोमीटर दूर है। यूपी में चोर चोरी से पहले रेकी करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
ग्रामीणों को अंदेशा है कि यूपी के चोरों की गैंग तुहिया गांव में भी चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए रेकी कर रही है। करीब 10 दिन पहले गांव में चोर वारदात को अंजाम देने के लिए घुसे थे। ग्रामीण जाग गए, इसलिए चोरों को गांव से भागना पड़ा।

तुहिया गांव में रात को ड्रोन नजर आने के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। दिनभर लोग इसी को लेकर गांव में चर्चा करते नजर आते हैं।
9 सितंबर को पहली बार दिखा था ड्रोन ग्रामीण सूरज और उसके साथी तीन दिन पहले 9 सितंबर की रात को गांव में घूम रहे थे। इस दौरान उन्हें आसमान में एक लाइट चमकती हुई दिखाई दी। उन्हें लगा कोई एरोप्लेन है। कुछ देर बाद फिर से आसमान में लाइट चमकती हुई दिखाई दी। 15 मिनट में अलग-अलग जगह लाइट चमकती रही। इससे उन्होंने अंदाजा लगाया कि वह ड्रोन है।
दूसरे दिन 10 सितंबर को भी आसमान में इसी तरह की लाइट चमकती रहीं। सूरज और उसके साथी चमकने वाली लाइट पर नजर बनाए हुए थे। जब उन्होंने गौर से देखा तो पता लगा कि वो ड्रोन हैं। उसके बाद वह रात में गांव में पहरा देने लगे।
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