चित्तौड़गढ़ रेलवे पुलिस (GRP) ने एक चोर को पकड़ा है, जिसने ट्रेन में सफर कर रही एक महिला का पर्स चुरा लिया था। यह चोरी 5 अगस्त को हुई थी। एक महिला यात्री हैदराबाद-जयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रही थी।
महिला का नाम निर्मला गणावा है। वह मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले की रहने वाली हैं और सरकारी स्कूल में टीचर हैं। वह जयपुर जा रही थीं। जब ट्रेन चित्तौड़गढ़ स्टेशन के पास पहुंची तो उन्हें पता चला कि उनका पर्स गायब है। उन्होंने काफी ढूंढा लेकिन पर्स नहीं मिला।
पर्स में एक चांदी का हार, एक चांदी की पायल, 15 हजार रुपए नकद, एक मोबाइल फोन और कुछ जरूरी कागज थे। यह सब बहुत जरूरी और कीमती सामान था। जब महिला को पर्स नहीं मिला, तो वह ट्रेन से उतरने के बाद अपने घर एमपी वापस गईं और वहां की पुलिस में चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। क्योंकि चोरी ट्रेन में हुई थी और वह जगह राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में आती है, इसलिए उस रिपोर्ट को ‘जीरो एफआईआर’ के रूप में दर्ज किया गया और फिर चित्तौड़गढ़ जीआरपी थाने भेज दिया गया।
चित्तौड़गढ़ जीआरपी ने रिपोर्ट मिलते ही जांच शुरू कर दी। कुछ दिन बाद पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि एक आदमी चोरी का मोबाइल फोन बेचने की कोशिश कर रहा है। यह सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। जीआरपी की टीम तुरंत मौके पर गई और एक युवक को स्टेशन के बाहर से ही पकड़ लिया। युवक से पूछताछ की गई तो उसने पहले इधर-उधर की बातें कीं, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछा, तो उसने ट्रेन में चोरी करने की बात स्वीकार कर ली।
आरोपी का नाम राहुल राज है। वह भीलवाड़ा जिले के मंडपिया गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल फोन बरामद कर लिया, जिसकी कीमत लगभग 21,000 रुपए है। यह मोबाइल उसी महिला का था, जिसका पर्स ट्रेन से चोरी हुआ था। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया और थाने ले जाकर पूछताछ की।
जांच में यह भी सामने आया कि राहुल एक आदतन चोर है। वह पहले भी चोरी के कई मामलों में पकड़ा जा चुका है। वह हाल ही में अजमेर जेल से छूटकर आया है, जहां वह 6 महीने की सजा काट चुका है। जेल से छूटे हुए उसे अभी सिर्फ 10 दिन ही हुए थे और उसने फिर से चोरी कर ली। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से ही छह मामले दर्ज हैं। इनमें से चार मामले चित्तौड़गढ़ जीआरपी में और दो अजमेर जीआरपी में दर्ज हैं। यह सभी मामले चोरी और हथियार रखने (आर्म्स एक्ट) से जुड़े हुए हैं।

आरोपी 6 महीने से जेल में सजा काट रहा था। 10 दिन पहले ही छूटा था।
पुलिस का कहना है कि राहुल नशे का आदी है और इसी वजह से बार-बार चोरी करता है। वह ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को निशाना बनाता है और मौका मिलते ही उनका कीमती सामान चुरा लेता है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी किया गया बाकी सामान उसने कहां रखा है। अभी तक सिर्फ मोबाइल बरामद हुआ है, लेकिन पर्स, चांदी के गहने, पैसे और दस्तावेज अब भी नहीं मिले हैं।
इस पूरी कार्रवाई में जीआरपी की एक टीम ने मिलकर मेहनत की। थानाधिकारी अनिल देवल के नेतृत्व में इस टीम में एएसआई गिरधारी सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार और कांस्टेबल पवन कुमार शामिल थे। इन लोगों ने मिलकर आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।
रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर करते समय अपने सामान का ध्यान रखें। मोबाइल, पर्स, गहने और पैसे जैसी कीमती चीजें अपने पास ही रखें और कभी भी किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें। अगर कोई संदिग्ध व्यक्ति नजर आए या कोई चोरी हो जाए तो तुरंत जीआरपी या रेलवे पुलिस को जानकारी दें। इससे समय पर कार्रवाई हो सकती है और अपराधी पकड़े जा सकते हैं। आरोपी को अजमेर कोर्ट ले जाया गया, जहां पीसी रिमांड मांगी जाएगी।
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