जवाहर कला केंद्र का मध्यवर्ती मंच मंगलवार शाम लोकधुनों और आधुनिक संगीत की जुगलबंदी से सराबोर हो उठा।
जवाहर कला केंद्र का मध्यवर्ती मंच मंगलवार शाम लोकधुनों और आधुनिक संगीत की जुगलबंदी से सराबोर हो उठा। अवसर रहा जवाहर कला केंद्र की ओर से आयोजित आधीरा बैंड की अनूठी फोक फ्यूजन प्रस्तुति का, जिसमें राजस्थान की सांस्कृतिक छटा और बॉलीवुड गीतों का फ्यूजन द
कार्यक्रम की शुरुआत आधीरा के मुख्य गायक विक्की खंडेलवाल की सुरीली आवाज में प्रस्तुत प्रसिद्ध गीत कदी आओ नी रसीला म्हारे देश से हुई। इसके बाद एक के बाद एक रंगारंग प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को बांधे रखा। बन्ना री लाल पीली अंखियां और बोले तो मीठो लागे, हंसे तो प्यारो लागे जैसे लोकप्रिय राजस्थानी गीतों को जब फ्यूजन अंदाज में पेश किया गया, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मुक्ताकाशी मंच गूंज उठा।

राजस्थानी गीतों को जब फ्यूजन अंदाज में पेश किया गया, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मुक्ताकाशी मंच गूंज उठा।
लोक और आधुनिकता के संगम के साथ-साथ बैंड ने भक्ति रस की प्रस्तुतियां भी दीं। जिसमें दुर्गा मां की स्तुति से वातावरण भक्तिमय हो गया।
आधीरा बैंड के इस संगीतमय सफर में मुख्य गायक विक्की खंडेलवाल के साथ मंच पर अलग-अलग वाद्ययंत्रों की जुगलबंदी देखने को मिली।

आधीरा बैंड के इस संगीतमय सफर में मुख्य गायक विक्की खंडेलवाल के साथ मंच पर अलग-अलग वाद्ययंत्रों की जुगलबंदी देखने को मिली।
ड्रम्स पर किकी, गिटार पर गौतम खंडेलवाल, की-बोर्ड पर आशीष, तबले पर सरफराज, इलेक्ट्रिक गिटार पर खालिद, बेस गिटार पर अभिनव शर्मा, जबकि मोरचंग और खड़ताल पर रईस खान व राजू ने अपनी सुर और ताल से माहौल को जीवंत बना दिया। प्रस्तुति को और सशक्त बनाने में साउंड इंजीनियर शेंकी का भी अहम योगदान रहा।
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