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ये सिलीसेढ़ रोड के घुमाव पर फॉर्म हाउस में करीब 8 से 10 फीट तक पानी भरा हुआ है।

अलवर में सिलीसेढ़ बांध से जयसमंद बांध के बीच बह रही नदी के बहाव में 10 फॉर्म हाउस व 2 होटलों में पानी भर गया। नदी के बहाव में ये अवैध निर्माण साफ जगजाहिर हो गए। इस समय प्रशासन को सर्वे कराकर नदी के बहाव को देखना था। लेकिन अफसर नहीं पहुंचे। जब पानी का

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ये देखिए, निर्माणाधीन होटल के चारों तरफ पानी

सिलीसेढ़ रोड पर नटनी हैरिटेज नाम से बड़ा होटल निर्माणाधीन है। जो पूरी तरह से अवैध था। जिसके कारण पिछले साल ही प्रशासन ने उसका निर्माण रुकवा दिया। लेकिन उसे तोड़ा नहीं गया। यही नहीं इसके अगल-बगल में बड़े फॉर्म हाउस की 10 से 15 फीट ऊंची-ऊंची दीवारें लगी हैं। जिनके कारण पानी का रुकाव हो गया। पानी की रुकावट बनने से पानी पीछे सिलीसेढ़ की तरफ खेतों में फैल गया। आसपास के तीन-चार बड़े फॉर्म हाउस में 8 से 10 फीट तक पानी भर गया। जिनमे ंपहले कभी इतना पानी नहीं भरा। लेकिन आगे नदी के बहाव में निर्माण होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी और पानी पीछे फैल गया।

निर्माणाधीन नटनी हैरिटेज होटल के तीनों तरफ पानी भरा है। पीछे से नदी जाती है।

निर्माणाधीन नटनी हैरिटेज होटल के तीनों तरफ पानी भरा है। पीछे से नदी जाती है।

सिलीसेढ़ मोड़ से टकरा रहा पानी

सिलीसेढ़ जाने वाले मुख्य रोड़ तक करीब दो किलोमीटर की दूरी तक पानी भरा हुआ है। पानी तेज बहाव से निकला। लेकिन बीच-बीच में अवैध निर्माण ने पानी को रोका। इस कारण पानी खेतों से होता हुआ निकला। कई जगहों पर दीवारें आड़े आ गई। कई जगहों पर होटल अड़ंगा बन गए। जिसके कारण पानी को जहां से जगह मिली वहीं से निकला। यदि ये निर्माण नहीं होते तो तेजी से पानी निकलता। हालत ये हैं कि पानी वापस सिलीसेढ़ की तरफ बढ़ने लगा। आगे कभी तेज बारिश हुई तो आसपास के गांवों में भी पानी बढ़ सकता है। असल में पानी की निकासी वाले बहाव क्षेत्र में अवैध निर्माण अधिक हो गए।



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