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मानसून भले ही पूरी जुलाई और अगस्त के तीसरे सप्ताह में जमकर बरसा हो लेकिन पिछले साल की तुलना में फिर भी बारिश कम हुई है। पिछले साल पूरे मानसून सीजन में 423.3 एमएम बारिश हुई थी। इस साल अगस्त खत्म होने को और है और अब 279.4 एमएम ही हुई। हालांकि सामान्य ब
दरअसल पिछले साल प्री-मानसून की दो बड़ी बारिश हुई थी। इस साल प्री-मानसून में सिर्फ बूंदाबांदी ही हुई। इस साल मानसून की एंट्री भी सूखी ही हुई थी लेकिन उसके बाद पूरे सावन जमकर बारिश हुई। जिससे बारिश का आंकड़ा बढ़ा। अब तक 206 एमएम बारिश होनी चाहिए थी। पिछले साल मानसून विदा होने तक जिले में 423.3 एमएम बारिश हुई थी जो सामान्य से 71 प्रतिशत ज्यादा है। पूरे मानसून सीजन में 246 एमएम बारिश सामान्य मानी जाती है। हालांकि अभी भी बारिश के लिए 15 दिन शेष हैं। मगर पिछले साल के आंकड़ों तक पहुंचना काफी दूर है।
आगे क्या संभावना : आने वाले 29 और 30 अगस्त को मध्यम दर्ज की बारिश की संभावना है। अगर दो-चार बड़ी बारिश हुई तो पिछले साल के आंकड़ों तक बारिश पहुंच सकती है लेकिन इसकी संभावना कम है। सितंबर में पहले सप्ताह के बाद कभी भी मानसून विदा हो सकता है। ऐसे में इस बार पिछले साल की तुलना में कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा का कहना है कि अभी बारिश के एक-दो चरण और आ सकते हैं।
ट्रफ लाइन एक बार ही बीकानेर से दक्षिण में रही
बीकानेर में कम बारिश की वजह मानसून की ट्रफ लाइन का एक बार ही दक्षिण में होना रहा। ऐसा माना जाता है कि मानसून ट्रफ लाइन अगर दक्षिण में रहे तो बीकानेर में ज्यादा बारिश होती है लेकिन इस बार सिर्फ एक बार ही दक्षिण में होने से बीकानेर में उस वक्त अच्छी बारिश हुई थी। हनुमानगढ़ श्रीगंगानगर में इसलिए ज्यादा बारिश हुई थी क्योंकि लंबे समय तक ट्रफ लाइन पंजाब और हिमाचल में रही। इसलिए इन दोनों जिलों में जमकर बारिश हुई।
पिछले साल बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू और श्रीगंगानगर में भी बारिश सामान्य से 71 प्रतिशत ज्यादा हुई थी। पूरे संभाग में औसत बारिश 283.6 एमएम होनी चाहिए थी जिसके बदले 486.1 एमएम हुई। पिछले साल चूरू में 336 एमएम की जगह 534.3 एमएम, हनुमानगढ़ में 253 की जगह 328 और श्रीगंगानगर में 204 की जगह 314 एमएम बारिश हुई थी। बीकानेर में 246 एमएम की जगह 423.3 एमएम बारिश हुई थी। पूरे संभाग में सबसे ज्यादा बीकानेर में ही 71 प्रतिशत बारिश हुई थी जबकि सबसे कम हनुमानगढ़ में 29 प्रतिशत बारिश रिकार्ड की गई थी। इस साल अब तक चूरू बारिश के मामले में 84 प्रतिशत, हनुमानगढ़ 98 प्रतिशत और श्रीगंगानगर 139 प्रतिशत ज्यादा बारिश के साथ बीकानेर से आगे हैं। इस साल जो मानसून बीकानेर में कमजोर रहा वो हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और चूरू में ज्यादा मेहरबान रहा।
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