☜ Click Here to Star Rating




जयपुर | प्रदेश कांग्रेस में कोषाध्यक्ष के रूप में विधायक रोहित बोहरा को नियुक्ति दे दी गई है। इस संबंध में एआईसीसी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने आदेश निकाले हैं। असल में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की टीम से पूर्व कोषाध्यक्ष सीताराम अग्रवाल ने विधानसभा चुनाव में हार के बाद दिसंबर 2023 में इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद वे मई 2024 में भाजपा में शामिल हो गए। तब से इस पद पर किसी को नियुक्त नहीं किया गया था। अब पार्टी ने राजाखेड़ा से विधायक बोहरा को यह जिम्मेदारी दी है। बोहरा के पिता प्रद्युमन सिंह प्रदेश के वित्त मंत्री रहे हैं। बोहरा को भी कांग्रेस में वित्तीय मामलों का एक्सपर्ट माना जाता है। ऐसे में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है। इस समय ही नियुक्ति की बड़ी वजह इस बात को भी माना जा रहा है कि पार्टी का नया प्रदेश कार्यालय बनना है, जिसके लिए फंड जुटाने भी होंगे और उसका प्रबंधन भी करना होगा। ऐसे में पार्टी के पास नियमित प्रदेश कोषाध्यक्ष होना जरूरी माना गया। अपनों के लिए टाइगर की पैनी नजर पिछले दिनों सुरक्षा से जुड़े महकमे के एक साब (टाइगर) मीटिंग में सभी को गंभीरता से आंक रहे थे। मीटिंग खत्म होने के तुरंत बाद टाइगर ने चुनिंदा को रोका। अपने समाज के लिए उन्होंने आंखें बिछा दीं। अब अंदरखाने बात क्या हुई ये तो सामने नहीं आया, लेकिन इतना तय है कि अपनों के लिए उन्होंने दिशा-निर्देश अवश्य बताए होंगे। अब महकमे में चर्चा चल पड़ी है कि राजनीति में तो समझ आता है, पर यहां भी…। क्या मैसेज जाएगा, कुछ कहा नहीं जा सकता। यह पॉजिटिव भी हो सकता है, निगेटिव भी। आखिर, उनको भी चक्कर लगवा दिए सरकारी दफ्तरों में फाइलों को अटकाने और लटकाने की आदत आदमी को तो रोजाना ही परेशान करती है। सूबे के राजस्व से जुड़े महकमे ने देश के नामचीन उद्योगपति को भी इसके दर्शन करवा दिए। हुआ यूं कि केंद्र के करीबी इस घराने को सालभर पहले जमीन अलॉट हुई। पैसे भी जमा हो गए। रजिस्ट्री की बारी आई तो पता चला कि पैसा गलत हैड में जमा हो गया। पैसों वाले विभाग ने इसे दुरुस्त करने का मार्गदर्शन दिया तो जवाब आया कि वित्तीय वर्ष खत्म हो गया। वित्त वालों ने माथा पीटकर राय भेजी है कि एरर नोट डालकर फाइल बंद करो। सरकारी कर्मचारी ब्रीफ आपराधिक प्रकरणों में 4.90 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई भास्कर न्यूज | जयपुर वर्तमान सरकार के अब तक कार्यकाल में आपराधिक प्रकरणों में 4.90 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। जनवरी 2024 से जून 2025 तक के कार्यकाल में 4 लाख 45 हजार 915 प्रकरण ही दर्ज हुए। जबकि पिछली कांग्रेस सरकार के अंतिम डेढ़ वर्ष (जुलाई 2022 से दिसंबर 2023) में 4 लाख 68 हजार 905 आपराधिक प्रकरण दर्ज हुए थे। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में यह दावा किया गया कि प्रदेश में पिछली सरकार के अंतिम डेढ़ वर्ष के मुकाबले वर्तमान सरकार के प्रथम डेढ़ वर्ष में हत्या के मामलों में 12.96 प्रतिशत, डकैती के मामलों में 25.45 प्रतिशत, लूट के मामलों में 22.46 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचार के मामलों में 18.77 प्रतिशतकी कमी आई है। डेढ़ सौ से अधिक दावेदार, इनमें उन चेहरों को ज्यादा प्राथमिकता मिलेगी जिनके टिकट कटे है भास्कर न्यूज | जयपुर बीजेपी में सरकारी बोर्ड आैर आयोगों में नियुक्तियों का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में वरिष्ठ लोगों को पहले मौका देने की तैयारी बीजेपी ने कर ली है। सूचियां तैयार हैं। इसमें पूर्व विधायक- पूर्व सांसदों को प्राथमिकता देने पर लगभग सहमति बन गई है। इनमें उन चेहरों को ज्यादा प्राथमिकता मिलेगी जिनके टिकट कटे है। उदाहरण के तौर पर सुभाष बहेडिया, देवजी पटेल, समेत कई चेहरे शामिल है। इसी तरह महिलाओं में डॉ.अलका गुर्जर, ज्योति मिर्धा, चंद्रकांता मेघवाल, अलका मूंदडा, जसकौर मीणा जैसे चेहरे प्रमुख रूप से नाम शामिल है। गौरतलब है कि बीजेपी धीरे- धीरे बोर्ड आैर आयोगों में पार्टी से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दे रही है। ऐसे में सत्ता आैर संगठन में एडजस्ट करने का फार्मूला पूर्व में दिल्ली में तय हो चुका था। अब पेरामीटर के आधार पर जिम्मेदारियां दी जा रही है। ग्रीन आर्मी की मांगों पर सुनवाई नहीं वन कर्मियों की पुलिस के समान वेतन भत्ते देने की मांग सरकार से लगातार की जा रही है, लेकिन अभी तक राज्य सरकार द्वारा किसी भी तरह की मांगों को पूरा नहीं किया गया है। राजस्थान अधीनस्थ वन कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि पिछली सरकार के समय वनकर्मियों ने लंबी हड़ताल की थी, पर नतीजा नहीं निकला। यदि वर्तमान सरकार भी एक्शन नहीं लेती है तो एक बड़ा आंदोलन राजस्थान के वन कर्मचारी करेंगे। वनकर्मियों की ग्रेड पे सहायक कर्मचारी के समकक्ष है, जबकि उनकी ड्यूटी काफी विपरीत परिस्थितियों में होती है। वनकर्मी आए दिन वन माफिया व वन्यजीवों के हमलों से शहीद हो रहे हैं। कई वनकर्मी स्थाई रूप से अपाहिज हो गए हैं। सरकार ने सुरक्षा के लिए केवल लाठी दे रखी है, न हार्ड ड्यूटी भत्ता दिया जा रहा, न जोखिम भत्ता। बिना आदेश के यात्रा, परेशान चालक अखिल राजस्थान राज्य वाहन चालक एवं तकनीकी कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर मांग की है कि किसी भी यात्रा के लिए दिए गए आदेश की कॉपी वाहन चालक को भी दी जाए। संघ का आरोप है कि अधिकारी बिना सक्षम अनुमति या आदेश के क्षेत्राधिकार से बाहर यात्रा कर रहे हैं। बाद में इसकी परेशानी वाहन चालक को होती है। बिना यात्रा आदेश के दुर्घटना एवं यात्रा भत्ता बिल आदि मामलों में वाहन चालकों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती हैं। सीएम ने बिल्व का पौधा लगाया मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को नई दिल्ली के जोधपुर हाउस में बिल्व का पौधा लगाया। महिलाओं संग थिरकीं डिप्टी सीएम दिया कुमारी न्यूयॉर्क के कोलंबिया विवि पहुंचे जूली, राना ने भी किया स्वागत राज्य सरकार के अब तक के कार्यकाल में दावा भाजपा के पूर्व सांसद, विधायकों को सरकारी बोर्ड और आयोगों में नियुक्तियों का दौर शुरू संगठनों की चेतावनी- सेवानिवृति पर सम्मान से विदाई जरूरी, आदेश वापस लें भीलवाड़ा कलेक्टर के आदेश पर सभी प्रमुख कर्मचारी संगठनों में बढ़ा विवाद मेड़ता सिटी| मीरा महोत्सव का अवसर पर रविवार के दिन मीरा महोत्सव कार्यक्रम भी पांचवें पायदान और अपने चरम पर था, ऐसे में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दियाकुमारी भी महिलाओं के साथ नृत्य के लिए अपने आपको नहीं रोक पाई। जयपुर | नेता प्रतिपक्ष राजस्थान विधानसभा टीकाराम जूली ने अमेरिका यात्रा के दौरान न्यूयार्क स्थित कोलंबिया विश्वविद्यालय का विशेष दौरा किया। जहां संविधान निर्माता भारत र| डॉ भीमराव अंबेडकर ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर भारतवासियों को एक नई दिशा देने का काम किया। बाबा साहब ने जहां शिक्षा ग्रहण की इस ऐतिहासिक स्थल पर पहुंचकर जूली भावुक हो उठे। उन्होंने कहा आज मेरा मन उत्साहित भी है और अभिभूत भी, क्योंकि मुझे उस धरती को नमन करने का अवसर मिला है जहां डॉ अंबेडकर ने शिक्षा ग्रहण कर देश को एक नई दशा और दिशा देने का काम किया। जूली ने अमेरिका जैसे विकसित देश की तुलना भारत से करते हुए कहा कि यहां महिलाओं और अश्वेतों को समान अधिकार मिलने में संविधान लागू होने के बाद भी 100 वर्ष से अधिक का समय लग गया, जबकि भारत में संविधान लागू होने के पहले दिन से ही सभी को समानता, स्वतंत्रता और न्यायिक अधिकार मिला। न्यूयॉर्क में राना ने किया सम्मान: जूली का न्यूयॉर्क में आरएएनए (राना) की ओर से सम्मान किया गया। राना के प्रेसिडेंट प्रेम भंडारी, सचिव रवि, कोषाध्यक्ष नीलम मोदी सहित अन्य पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा और विधायक अमीन कागजी भी थे। राना प्रतिनिधी गण के साथ देश व राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर बात की गई। अमेरिका में राना एक राजस्थान प्रवासी भारतीयों की संस्था है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली 15 दिन के अमेरिका दौरे पर हैं। इन नेताओं में से मिलेगा मौका : पूर्व मंत्री डॉ राम प्रताप हनुमानगढ़, लक्ष्मीनारायण दवे, पूर्व सांसद सुभाष बहेडिया, जसकौर मीणा, देवजी पटेल, महेंद्रजीतसिंह मालवीय, लालचंद कटारिया, अमराराम सीरबी, पूर्व विधायक बिहारी विश्नोई, बलवीर सिंह लूथरा,ओपी यादव, विजय बंसल भरतपुर, राजपाल सिंह शेखावत, जालमसिंह भाटी, हेमराज मीणा, निर्मल कुमावत, रामलाल शर्मा, अभिनेश महर्षि, ओम सारस्वत, महेंद्र जाटव, कैलाश मेघवाल गंगानगर से एससी मोर्चे के, इनके अलावा संगठन सुशील कटारा, माधोराम चौधरी, सेलाराम साहरण, सांगसिंह भाटी, जालम सिंह रावलोत, मुकेश दाधीच, श्रवण बगड़ी,हरीश पाटीदार, प्रसन्न चंद मेहता, जोधपुर, पूर्व विधायक हेमराज मीणा बारां, चंद्रकांता मेघवाल, के.के. गुप्ता डूंगरपुर, सादिक खान, सुखाराम नेतडिया, कन्हैयालाल मीणा, विजय बैंसला, लक्ष्मीनारायण बैरवा, धर्मेंद्र राठौर गढी से, अलका मूंदडा, मंशाराम, रामनारायण डूडी जोधपुर, मोहनाराम चौधरी नागौर, हरिराम रणवां सीकर, पूर्व विधायक बंसीलाल खटिक राजसमंद, पूर्व विधायक अत्तर सिंह भडाना, विरेंद्र चौहान सिरोही, गिरधारी तिवाड़ी, पंकज जोशी, विमल कटियार सहित नाम शा सुनीसुनाई सेवानिवृति के आयोजनों को लेकर 31 जुलाई को दिए गए भीलवाड़ा कलेक्टर के आदेश पर विवाद बढ़ गया है। राज्य के लगभग सभी प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध तेज कर दिया है। कलेक्टर ने आदेश में कहा है कि कर्मचारी-अधिकारियों के सेवानिवृति पर दफ्तर परिसर में जो आयोजन किए जाते हैं उससे राजकार्य में व्यवधान उत्पन्न होता, काम प्रभावित होते हैं। यही नहीं, उन्होंने आदेश में यह भी लिखा है कि आयोजन के दौरान बजने वाले ढोल-नगाड़ों से ध्वनि प्रदूषण भी होता है। ऐसे में यदि भविष्य में कार्यालय समय में ऐसे आयोजन हुए तो आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आदेश के बाद कर्मचारी संगठनों ने विरोध तेज कर दिया है। राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने कलेक्टर के आदेश के खिलाफ चेतावनी दी है कि यदि इसे लागू करवाने के लिए दबाव डाला गया तो राज्य स्तर पर बड़ा विरोध किया जाएगा। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि जहां कर्मचारी कार्य करते हुए अपनी पूरी जिंदगी निकाल देता है, वहां से उसकी सम्मानपूर्वक सेवानिवृति पर किसी को आपत्ति क्यों होनी चाहिए। सचिवालय सहित राज्य के प्रत्येक विभाग के दफ्तरों में जब भी कोई कर्मचारी-अधिकारी सेवानिवृत होता है तो सभी साथी उसे सम्मानपूर्वक विदा करते रहे हैं, यही परंपरा रही है। राजस्थान पीएचईडी तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष संतोष विजय ने भी इसे तुगलकी फरमान बताया है। विजय ने कहा कि इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। आदेश का विरोध करेंगे राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष राजसिंह चौधरी का कहना है कि आईएएस से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक को अपनी पूरी सेवा करने के पश्चात सम्मानपूर्वक विदाई होना जरूरी है। भीलवाड़ा कलेक्टर के आदेश की हम विरोध करते हैं। ऐसे आदेश का जमकर विरोध किया जाएगा। तुरंत इस आदेश को वापस लिया जाए। परंपरा को जीवित रखा जाए राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष महावीर शर्मा का कहना है कि सचिवालय से लेकर प्रदेश के शीर्ष कार्यालयों में वर्षों तक सेवा देने वाले कर्मचारियों के लिए ऐसे आदेश दुर्भाग्यपूर्ण हैं। एक जिला विशेष के सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों के लिए ऐसा क्यों किया गया है, समझ से परे है। डीजीपी की विदाई में तो सारे अधिकारी आकर गाड़ी खींचते हैं, यह बेहतरीन परंपरा है। कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष पद पर बोहरा की नियुक्तिमिल है।



Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Comments

Leave a Reply

error: Content is protected !!

Sign In

Register

Reset Password

Please enter your username or email address, you will receive a link to create a new password via email.

Discover more from Kuchaman City Directory

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading