दो बहनों ने मिलकर सरकारी अस्पताल से 3 दिन के बच्चे को चुराया था। बड़ी बहन के 10 साल से कोई बच्चा नहीं था ऐसे में उसने अपनी बहन के साथ वारदात को अंजाम देने का सोचा। छोटी बहन नर्स बनकर अस्पताल में भर्ती मां के पहुंची और जांच के बहाने बच्चे को मौका पाकर
पुलिस ने CCTV कैमरों और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर राजसमंद से 15 किमी दूर बिजनोल (नाथद्वारा) इलाके से बच्चे को बरामद किया और दोनों आरोपी बहनों को पकड़ा।

अब तीन पॉइंट्स में समझिए क्या थी बहनों की प्लानिंग
1. नर्स का कोट पहन आई, जांच के बहाने ले गई: राजसमंद एसपी ममता गुप्ता ने बताया- सोमवार का नाथद्वारा के सरकारी अस्पताल (श्री गोवर्धन राजकीय जिला हॉस्पिटल) से बच्चा चोरी करने के मामला सामने आया था। नवजात के पिता की ओर से रिपोर्ट दी गई थी। इसमें बताया कि 1 तारीख को उसकी पत्नी बिंदिया ने बेटे को जन्म दिया था। इसके बाद से वह अस्पताल में भर्ती थी। 4 तारीख को नर्स का कोट पहने एक लड़की आई और मुझसे कहा कि बच्चे को ऊपर वार्ड में ले जाना है। मैंने अपनी बहन चंदा को उस लड़की के साथ ऊपर भेजा।
2. वार्ड में ले जाते हुए आधार कार्ड मांग लिया: रिपोर्ट में बताया था कि बीच रास्ते में उस लड़की ने मेरी बहन चंदा को कहा कि जांच के लिए आधार कार्ड चाहिए। बहन ने बोला कि मैं लेकर आती हूं। यह सुनकर लड़की ने बहन चंदा को कहा कि मैं इसे ऊपर लेकर जाती हूं, तुम आधार कार्ड ले आओ।
3. डॉक्युमेंट्स लेने भेज कर फरार हुई: रिपोर्ट में बताया था कि मेरी बहन वापस वार्ड में आ गई आधार कार्ड लेकर जब वापस उसके पास गई तो वहां पर वह लड़की नहीं मिली। इसके बाद परिजनों के साथ मिलकर पूरे अस्पताल में और आसपास बच्चे को तलाशा और महिला को ढूंढा। लेकिन, वह नहीं मिली। इसके बाद श्रीनाथजी थाने में रिपोर्ट दी।
बहन के साथ मिलकर बच्चा चोरी की प्लानिंग की
एसपी ने बताया कि इसके बाद टीमें बनाई और जांच शुरू की। CCTV और इंटेलिजेंस के आधार पर बिजनौल (नाथद्वारा) से चेतना (28) पत्नी महेन्द्र सिंह निवासी गढवाडा भानसौल थाना घासा जिला उदयपुर और उसकी छोटी बहन भारती (27) पत्नी भैरू सिंह राजपूत निवासी डिंगेला थाना नाथद्वारा जिला राजसमंद को गिरफ्तार किया और महिला से नवजात शिशु को बरामद किया गया।
एसपी ममता गुप्ता ने पूछताछ में सामने आया कि बड़ी बहन चेतना के बच्चा नहीं था ऐसे में, उसने अपनी बहन के साथ बच्चा चोरी करने की प्लानिंग की। इसके बाद बच्चे को चोरी कर अपने एक रिश्तेदार के यहां ले गई। दोनों 2-3 दिन से अस्पताल में रेकी कर रही थी। ऐसे में, पूरी प्लानिंग के साथ उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
बोली- कुछ नहीं सूझा तो बच्चा चुरा लिया
पूछताछ के दौरान बच्चा चोरी करने वाली चेतना ने बताया- मैंने आईवीएफ करवा लिया था और बाकी इलाज भी करवा लिया था लेकिन बच्चा नहीं हुआ। जब कुछ नहीं सूझा तो बच्चा चोरी का प्लान बनाया। घर से निकली तो प्लान बनाया कि नर्स के कपड़े पहनकर बच्चा चोरी करूंगी। इसके बाद छोटी बहन भारती को साथ इसलिए लिए कि कहीं वो भूखा न रह जाए और उसे दूध पिला देना। मैं परिवार को भी नहीं जानती थी।
बोली- बच्चा भूखा न रहे इसलिए बहन को शामिल किया
इस घटना में मैं और मेरी बहन के अलावा कोई भी इसमें शामिल नहीं है। मैं अकेली करना चाहती थी। लेकिन, बच्चा भूखा न रहे इसलिए बहन को लिया। क्योंकि न तो मुझे मारना है और किसी को बेचना है। बच्चे को कुछ हो न जाए और वह भूखा न रहे इसलिए मैंने अपनी बहन को साथ में लिया था।
कहा- वो बच्चे को पालना चाहती थी
वहीं पूछताछ में चेतना की छोटी बहन भारती ने बताया- चेतना मेरी बड़ी सगी बहन है। एक साल पहले आईवीएफ करवाया था लेकिन मिसकेरेज हो गया था। इसके बाद दोबारा आईवीएफ करवाया लेकिन 8वें महीने में 11 जून को अबॉर्शन कराना पड़ा। घर में मेरे भाइयों और बहन के पति के अलावा किसी को नहीं पता था कि उसका मिसकेरेज हो गया। बाकी ये ही जानते थे कि चेतना के बच्चा होने वाला है। इसलिए उसने बच्चे को चोरी किया। भारती ने बताया कि इस वारदात में हम दोनों बहनों के अलावा कोई भी दूसरा शामिल नहीं था। मुझे तो बच्चे को दूध पिलाने के लिए साथ में आई थी। मेरी बहन उसे पालना चाहती थी।
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