केशवरायपाटन स्थित ग्राम पंचायत जैसथल के ओहडी गांव में श्मशान घाट नहीं होने खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर ग्रामीण।
बूंदी के केशवरायपाटन स्थित ग्राम पंचायत जैसथल के ओहडी गांव में श्मशान घाट नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार के लिए शव को डेढ़ किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। रास्ता कीचड़ और पानी से भरा रहता है। श्मशान घाट
सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा
स्थानीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर धर्मेश राजा ने इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाया है। उन्होंने अपने बड़े पिता के अंतिम संस्कार के दौरान हुई परेशानियों का वीडियो शेयर किया है। वीडियो में कहा है कि सरपंच साहब जब आप चुनाव लड़ा था तब आप वोट मांगने आए थे। जब भी आपको ग्रामीणों ने यह समस्या बताई थी। इसके अलावा कई बार आपको अवगत भी कर चुके हैं। लिखित में भी दे चुके हैं, लेकिन आपने सुनाई नहीं की अगली बार यह समस्या आई तो मैं आपको और आपकी सरकार को नहीं छोडूंगा।

अंतिम संस्कार के लिए पानी और कीचड़ से भरे रास्ते से गुजरते हैं ग्रामीण।
ग्रामीणों ने कई बार सरपंच शुभांक दोराश्री को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की मदद से अतिक्रमण हटाया जा सकता था।
अतिक्रमण हटाने के लिए तहसीलदार को सूचित किया
सरपंच शुभांक दौराक्षी का कहना है कि पूर्व सरपंचों ने श्मशान घाट के लिए जगह आवंटित की थी। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए तहसीलदार को सूचित कर दिया है। वे जल्द ही अतिक्रमण हटाकर श्मशान घाट का निर्माण करवाएंगे।ग्रामीण चाहते हैं कि जल्द से जल्द श्मशान घाट का निर्माण हो। जिससे किसी को भी परेशानी में अंतिम संस्कार न करना पड़े।
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