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पाली में इस बार ठीक-ठाक बरसात हुई। दो दिन की बरसात ने ही शहर में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। हेमावास, सरदारसमंद सहित कई छोटे-मोटे बांध ओवरफ्लो हुए।

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उम्मीद थी कि और बरसात होगी और हमारा जवाई बांध पूरा भरेगा। लेकिन मानसून बाद में फिर से सक्रिय नहीं हुआ। सेई बांध से भी पानी की आवक कम हो गई है। ऐसे में उम्मीद कम है कि तीन जिलों के लोगों का हलक तर करने वाला जवाई बांध इस बार पूरा भरेगा।

जवाई बांध से हर साल औसतन सिंचाई के लिए 4400 MCFT और पेयजल के लिए 3100-3200 MCFT पानी रिजर्व रखा जाता है। हेमावास बांध से करीब 500 MCFT पानी सिंचाई के लिए दिया जाता है। इस बार हेमावास बांध ओवरफ्लो है। ऐसे में वहां के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और पेयजल के लिए भी 500 MCFT पानी दिया जाएगा। लेकिन जवाई बांध में अभी तक 42.60 फीट (3430 MCFT ) पानी ही आया है। जो सिर्फ एक साल के लिए पेयजल के लिए पर्याप्त है। मानसून भी जिले में फिर से अच्छे से सक्रिय नहीं हुआ और सेई बांध से भी अब 400-500 MCFT से ज्यादा पानी आने की उम्मीद नहीं है। जल्द ही मानसून फिर से सक्रिय नहीं हुआ और जवाई बांध में पानी की आवक नहीं बढ़ी तो इस बार सिंचाई के लिए जवाई बांध से किसानों को पर्याप्त पानी मिल पाएगा इसको लेकर भी संशय है।

बता दें कि जवाई बांध से करीब 33 गांवों में 3861 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई के लिए पानी दिया जाता है। गत वर्ष 2024-25 में 4 हजार MCFT पानी सिंचाई के लिए दिया गया था।

पाली के जवाई बांध पर घूमने के पाली समेत दूसरे शहरों से भी लोग आते है।

पाली के जवाई बांध पर घूमने के पाली समेत दूसरे शहरों से भी लोग आते है।

तीन जिलों की प्यास बुझाता है जवाई बांध पाली, सिरोही और ब्यावर जिले के 780 गांव व 10 शहर की प्यास जवाई बांध के पानी से बुझती है। हर इंसान को रोज पानी सिर्फ पीने के लिए नहीं, नहाने, कपड़े धोने, बर्तन और जानवरों के लिए भी चाहिए। – अगर सब मिला लें तो एक आदमी को दिन का करीब 80-90 लीटर पानी चाहिए। पाली, सिरोही व ब्यावर के सप्लाई वाले गांव व शहरों के 16.70 लाख लोग रोज करीब 15 करोड़ लीटर पानी खर्च करते हैं। इसे साल में बदलें तो पूरे जिले को एक साल चलाने के लिए करीब 4400 एमसीएफटी पानी चाहिए।

पिछले तीन साल में पेयजल के लिए आरक्षित पानी की स्थिति वर्ष 2022-23 – 3 हजार MCFT वर्ष 2023-24 – 3147 MCFT वर्ष 2024-25 – 3163 MCFT

पेयजल के लिए चाहिए 3200-3300 MCFT साल

पाली जिले के सुमेरपुर के निकट स्थित जवाई बांध।

पाली जिले के सुमेरपुर के निकट स्थित जवाई बांध।

किसान नेता बोले – बरसात आने की उम्मीद किसान नेता गिरधारीसिंह मंडली ने बताया कि जवाई बांध से करीब 33 गांवों में 38671 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सिंचाई की जाती है। अभी तक जवाई बांध में पेयजल के लिए पर्याप्त पानी आ गया है। सेई बांध से भी पानी की आवक जारी है। उम्मीद है फिर से मानसून सक्रिय होगा और जवाई में पानी की आवक बढ़ेगी।



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