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प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के गलत काम, अदालत की अवमानना, सार्वजनिक दुव्र्व्यवहार, 5 हजार से कम की चोरी, आत्महत्या के प्रयास व मानहानि जैसे अपराधों के लिए सजा तय कर दी गई है। अब सार्वजनिक स्थलों एवं सरकारी संस्थानों, धार्मिक स्थलों, अनाथालयों, आश्र

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राजस्थान हाईकोर्ट के परामर्श के बाद राज्य सरकार ने बुधवार को 16 सजाएं तब कर उनकी अधिसूचना जारी कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। भारतीय न्याय संहिता-2023 में सामुदायिक सेवा के तहत सजा की अवधि एक से 31 दिन या फिर 8. से 244 घंटे तक की जा सकती है। यह अदालत पर निर्भर करेगा कि सजा कहां काटनी है। इसकी मॉनिटरिंग के लिए अधिकारी भी तब किए गए हैं।

गृह विभाग के अनुसार सामुदायिक सेवा की सजा के तहत अपराधों को समुदाय के फायदे के लिए अदालती आदेश पर अवैतनिक काम करना पड़ता है। यह सजा पारंपरिक कारवास के विकल्प के रूप में या उसके अतिरिक्त दी जा सकेगी। इसका उद्देश्य अपराधिकायों का पुनर्वास और उन्हें समाज के लिए कुछ योगदान करने का अवसर देना है। गृह विभाग का कहना है कि 15 तरह की सजा क्लियर है। न्यायालय की ओर से कोई अन्य सामुदायिक सेवा की सजा दी जा सकती है, जिसे वे उचित समझे।

अस्पताल और आश्रय स्थल में मदद

चार तरह की सजाएं सरकारी अस्पताल एवं विलनिक में काटनी होगी। इसमें वार्ड एवं उसके आस-पास की सफाई एवं रखरखाव रखना होगा। यह नहीं, दुर्घटना के समय ऑपरेशन थियेटर में ट्रॉली प्रबंधन या सहायता। प्रभारी की ओर से निर्धारित कोई अन्य कर्तव्य जैसे उपकरणों की सफाई एवं रख रखाव करना शामिल है। वृद्धा आश्रम में भी कार्य दिया जा सकता है।

पेड़ लगाने, पानी पिलाने की सजा

वन विभाग में पेड़ लगाना, पौधों में पानी देना, खरपतवार को हटाना और रख रखाष का कार्य जैसी सजा कोर्ट सुना सकता है। वहीं जू-म्यूजियम में सफाई एवं रखरखाव के साथ लिपिकीय सहायता की सजा हो सकती है। शहरों एवं गांवों में सफाई कर्मचारियों की साफ-सफाई में मदद करना।

सरकारी लाइब्रेरी, पुस्तकों की सूची बनाने की भी सजा का प्रावधान

शिक्षण संस्थानों में क्लास रुप्म, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला, खेल मैदान एवं अन्य स्थानों की सफाई का काम कराया जा सकता है। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला या तालुका ऑफिस, सरकारी लाइब्रेरी, कानूनी सहायता विलनिक में पुस्तकों की व्यवस्था, पुस्तकों को सूची बनाने या कोई लिपिकीय सहायता या फिर जल्दबाजी जैसे कार्य भी सामुदायिक सेवा को सजा में बेड़े गए हैं। पार्क की सफाई, ट्रैफिक प्रबंधन में मदद सामुदायिक सेवा के तहत सार्वजनिक भवनों, पुलिस स्टेशन परिसर, पब्लिक पार्क, नगरीय निकाय, पंचायत के पार्क एवं खुले स्थानों और जल निकाय की सफाई के साथ रख रखाव का काम। पुलिस को यातायात एवं भीड़ प्रबंधन में मदद सहायता। सड़क किनारे खरपतवार को हटाना आदि।

सामुदायिक सजा का दायरा यूं बढ़ाया

  • मानहानि विशेषज्ञों का कहना है कि बीएनएस के अनुसार मानहानि के मामलों में दो साल की साधारण कैद या जुर्माना या दोनों या फिर सामुदायिक सेवा से दंडित किया जा सकेगा।
  • शराच पीकर उत्पात: सार्वजनिक रूप से दुर्व्यवहार करने वाले व्यक्ति को 24 घंटे तक की साधारण कैद या अधिकतम 1000 रुपए नुमान की सन्ना हो सकती है। इसमें सामुदायिक सेवा का प्रावधान जोड़ा गया है।
  • आत्महत्या का प्रयास: बीएनएस में जो कोई भी किसी लोक सेवा को उसके अधिकारिक कर्तव्य का निर्वाहन करने से मजबूर करने का प्रयास करेगा। उसे एक वर्ष तक की सजा या नुर्माना या सामुदायिक सेवा से दंडित किया जाएगा।
  • 5000 से कम की चोरी संपत्ति का मूल्य 5 हजार से कम है और किसी व्यक्ति को ऐसे मामलों में पहली बार दोषी ठहराया है तो सेवा की सजा दी जा सकेगी।



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