चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा में स्थित प्राकट्य स्थल श्री सांवलिया जी मंदिर के जोशीमठ परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित चलित झांकियां सजाई गई हैं। ये झांकियां देखने में बहुत सुंदर हैं और भक्तों का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। इन झांकियों के
श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी झलकियां, बचपन से लेकर रास रचाते हुए भगवान
झांकियों में भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप से लेकर उनकी रासलीला तक की घटनाओं को दिखाया गया है। इनमें मां यशोदा की बेटी एकांग के साथ अदला-बदली, माखन चुराते हुए नटखट कान्हा, राधा के साथ झूला झूलते श्रीकृष्ण, और गोपियों के साथ रास रचाते हुए भगवान की झलक देखने को मिलती है। यह सब झांकियां इस तरह से बनाई गई हैं कि वे चलती हुई प्रतीत होती हैं, जिससे दर्शकों को लग रहा है मानो वे घटनाएं उनके सामने घट रही हों।

मंदिर के अंदर आर्टिफिशियल फूलों और लाइट्स से सुंदर सजावट की गई।
वृंदावन की रासलीला का होगा 8 दिनों तक आयोजन
जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में एक विशेष रासलीला कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है। यह कार्यक्रम 8 दिनों तक चलेगा और इसमें वृंदावन से आए 20 कलाकारों का दल श्रीकृष्ण के जीवन को नाटक, गीत और नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत करेगा। इस रासलीला ग्रुप का नाम “श्रीकृष्ण वृंदावन रासलीला ग्रुप” है। यह पूरा आयोजन श्री सांवलिया जी मंदिर मंडल द्वारा करवाया जा रहा है।

मां यशोदा श्री कृष्ण को झुला झुलाते हुई।
कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
इस रासलीला कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार रात को किया गया। उद्घाटन चित्तौड़गढ़ के सांसद सीपी जोशी ने राधा-कृष्ण की पूजा कर किया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कई लोग उपस्थित रहे। पूजा के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसे लोगों ने बहुत सराहा।
यह थे मौजूद
इस शुभ अवसर पर कई खास लोग मौजूद थे। इनमें मंदिर मंडल के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल, उपाध्यक्ष बाबूलाल ओझा प्रसाद, भाजपा जिलाध्यक्ष रतनलाल गाडरी, और मंडफिया मंदिर मंडल के अध्यक्ष जानकीदास वैष्णव शामिल थे। इनके साथ-साथ बड़ी संख्या में भक्तजन भी मंदिर पहुंचे और कार्यक्रम का आनंद लिया।

श्री कृष्ण और मां यशोदा की बेटी एकांग की अदला बदली करती हुई।
मंदिर की सुंदर सजावट, भक्तों की हुई भीड़
कृष्ण जन्माष्टमी के पर्व पर श्री सांवलिया जी मंदिर को बहुत ही भव्य ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइटें, फूलों की झालरें और पारंपरिक सजावट से मंदिर की शोभा और भी बढ़ गई है। रात के समय यह सजावट और भी मनमोहक लगती है, जिससे भक्तों का मन प्रसन्न हो रहा है।
भक्तों में दिखा खास उत्साह
इस पूरे आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। चलती झांकियां और वृंदावन की रासलीला ने भक्तों को श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ने का एक सुंदर अवसर दिया है। मंदिर में आकर सभी भक्त आस्था, भक्ति और आनंद से भर जा रहे हैं।

भक्तों की उमड़ी भीड़।
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