श्री कृष्ण जन्माष्टमी शहर में शनिवार को हर्षोल्लास से मनाई गई। जैसे ही घड़ी की सुइयां रात 12 के अंक पर पहुंची, मंदिरों में घंटे-घड़ियाल गूंज उठे। पाटनपोल में तो नंदग्राम सा नजारा दिखा। बड़े मथुराधीश मंदिर में ठाकुरजी के विशेष मनोरथ दर्शन के लिए भक्तों
महाप्रभुजी बड़ा मंदिर, देवस्थान विभाग के फूल बिहारी मंदिर, प्राचीन सांवलाजी, गोपालजी, गढ़ पैलेस स्थित बृजनाथ जी, माहेश्वरी समाज के गोविंद देवजी, छोटे मथुराधीश जी, दाऊजी सूरजपोल, टिपटा श्रीनाथ जी मंदिर, तलवंडी राधा-कृष्ण मंदिर, रंगबाड़ी बांके बिहारी मंदिर, राधा-माधव मंदिर कुन्हाड़ी, हरे कृष्णा मंदिर मुकंदरा विहार, इस्कॉन मंदिर गोविंदधाम सहित अन्य मंदिरों में देर रात तक दर्शन के लिए भक्तजनों की लंबी कतारें लगी रही। गीता भवन, टीलेश्वर मंदिर, श्रीराम मंदिर स्टेशन क्षेत्र में झांकियां देखने के लिए देर रात तक भीड़ उमड़ी। यादव अहीर समाज की आयोजन समिति ने कुन्हाड़ी चौराहे स्थित श्रीकृष्ण सारथी अर्जुन रथ प्रतिमा पर शनिवार को पंचामृत से अभिषेक कर पुष्पमालाओं से अलंकृत किया गया।
दैनिक भास्कर, कोटा, रविवार, 17 अगस्त, 2025 | 8
जगत माता मंदिर में पंचामृत स्नान करवाते हुए
कुन्हाड़ी रिद्धि सिद्धि नगर स्थित राधा माधव मंदिर में जन्माष्टमी पर्व मनाया
{किशोरपुरा स्थित इस्कॉन केंद्र गोविंद धाम : महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को हुआ, जिसमें बच्चों के लिए चित्रकला और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं हुईं। इस्कॉन द्वारा संचालित गुरुकुल के छात्रों ने श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की। । मध्यरात्रि में महाअभिषेक एवं महाआरती के साथ उत्सव मनाया।
{ हरे कृष्ण मंदिर : जन्माष्टमी पर तड़के 4.30 बजे प्रभुजी की मंगला आरती हुई। दर्शन आरती प्रातः 7.30 बजे हुई। भगवान की पोशाक वृंदावन से बनवाकर धारण कराई गई। छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया।
{श्रीजगत माता मंदिर : सुबह 5 बजे अभिषेक कर वृंदावन से बनी पोशाक धारण करवाई गई। शाम 5 बजे से शृंगार दर्शन करवाए गए। रात्रि 8 बजे से भजन संध्या हुई। रात्रि 12 बजे ठाकुरजी का महाअभिषेक कर महाआरती हुई।
{मटकी फोड़ प्रतियोगिता: बोरखेड़ा चौराहा पर श्री कृष्ण नवयुवक मंडल की ओर से जन्माष्टमी पर मटकी फोड़ प्रतियोगिता हुई। मंडल अध्यक्ष राधेश्याम कुशवाह ने बताया कि 22 फीट ऊंची मटकी बांधी गई। इसमें सभी अखाड़ों के उस्तादों का सम्मान किया गया। विजेता टीम को 11 हजार का इनाम दिया। कोटड़ी सब्जी मंडी में नीमलेश्वर महादेव मंदिर समिति की ओर से भी 15 फीट ऊंची मटकी लटकाई गई। इसे फोड़ने के लिए दस टोलियों को आमंत्रित किया गया।
{पाटनपोल स्थित श्री मथुराधीश मंदिर :जन्माष्टमी पर सुबह 5 बजे से पंचामृत अभिषेक और राजभोग दर्शन, उत्थापन 6 बजे, भोग शाम 7 बजे, आरती 7.30 बजे और शयन रात्रि 9 बजे हुआ। जागरण रात 10 से 11 बजे तक व दर्शन रात 12 बजे से शुरू हुए। रविवार को नंदोत्सव में सुबह 8 से 12.30 बजे तक पालना दर्शन होंगे।
{पाटनपोल स्थित बड़े महाप्रभुजी मंदिर : मंदिर में जन्माष्टमी पर सुबह 5 बजे प्रभुजी को पंचामृत स्नान कराया। रात 8 बजे आरती और 10 से 11.30 बजे तक जागरण दर्शन खुले रहे। 12 बजे पंचामृत स्नान और फिर जन्म दर्शन कराए गए। ।
{पाटनपोल स्थित फूल बिहारी मंदिर : जन्माष्टमी पर सुबह 7 बजे से ठाकुरजी पंचामृत स्नान कराया। सुबह 8 बजे तक दर्शन खुले और 10 बजे शृंगार दर्शन, 11 बजे राजभोग, शाम 6 बजे उत्थापन, शाम 7.30 बजे भोग आरती, शयन आरती 8.30 बजे हुई। रात 9.30 से 11.20 तक जागरण और शालीग्रामजी का अभिषेक और रात्रि 12 बजे से जन्मोत्सव दर्शन भक्तजन को कराए।
{गढ़ पैलेस बृजनाथ मंदिर : जन्माष्टमी पर दोपहर 12 बजे से पंचामृत अभिषेक, शृंगार व तिलक दर्शन हुए। दोपहर डेढ़ बजे राजभोग, शाम 7 बजे आरती हुई। रात्रि के मनोरथ में पूर्व राजपरिवार के सदस्य शामिल हुए और ठाकुरजी का अभिषेक और रात 12 बजे जन्मोत्सव के दर्शन आम भक्तजन को कराए।
{स्टेशन क्षेत्र श्रीराम मंदिर : शनिवार शाम 6 बजे से कृष्ण-सुदामा, बांके बिहारी, राधा-कृष्ण, श्रीनाथजी, शिव-पार्वती की झांकियां प्रदर्शित हुई। वृदांवन से आई मंडली रात 9 से 12 बजे तक भजन संध्या की। रात 12 बजे जन्मोत्सव दर्शन और आरती हुई। 100 किलो पंजीरी का प्रसाद वितरित किया।
तलवंडी राधा-कृष्ण मंदिर : जन्माष्टमी पर सुबह 10 बजे से भगवान का अभिषेक, शाम 6 बजे शृंगार दर्शन हुए। रात्रि 11.30 बजे जल और फलों के रस से अभिषेक किया। रात्रि 12 बजे जन्मोत्सव दर्शन हुए। रविवार को नंदोत्सव में सुबह 5 से दोपहर 2 बजे तक पालना दर्शन होंगे। शाम 7 से 12 बजे तक गोविंद माहेश्वरी भजन संध्या करेंगे।
रात 12:00 बजे कृष्ण जन्म के दर्शन के लिए मथुराधीश मंदिर में लगी लंबी कतारें
रंगबाड़ी स्थित बांके बिहारी मंदिर : सुबह 5 बजे अभिषेक के बाद रात 11.30 बजे तक दर्शन हुए। रात 12 बजे से 12.30 बजे तक आमजन को जन्म दर्शन हुए।
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