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अजमेर में रेलवे कर्मचारी से साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। ठगों ने इन्वेस्टमेंट करवा कर प्रॉफिट होने का झांसा देकर 26 लाख रुपए हड़प लिए। पीड़ित ने लोन और ब्याज पर पैसे उठाकर इंवेट्स किया था। पीड़ित की ओर से मामले में साइबर थाने में शिकायत दी गई है
साइबर थाना पुलिस के अनुसार भारतीय रेलवे में कार्यरत मुकेश भुराण की ओर से मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पीड़ित ने बताया कि करीब 3 महीने पहले उसे एक मोबाइल पर कॉल आया था। कॉलर के द्वारा फाइनेंस और स्टॉक से संबंधित जानकारी वाले व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप में जुड़े हुए लोग रोज ओपनहैमर नाम से संचालित एप प्रॉफिट अपलोड करते थे। इसके बाद उसे भी इन्वेस्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
पीड़ित ने बताया कि जुलाई 2025 में उसे एप पर रजिस्ट्रेशन करवाया गया। प्ले स्टोर पर एप होने के कारण वह विश्वास में आ गया। सबसे पहले करीब 10 हजार इन्वेस्ट किए थे। जिसका उसे एप में प्रॉफिट दिखाया गया। बाद में और प्रॉफिट होने का लालच देकर अलग-अलग बार इन्वेस्ट करवाए गए।
पीड़ित ने बताया कि जब उसके 930000 प्रॉफिट के साथ हुई तो विड्रोल करना चाहा तो 2 दिन रुकने के लिए कहा गया। ठगों ने नए IPO में इन्वेस्ट करने पर ज्यादा प्रॉफिट होने का झांसा दिया। ठगों ने एप के अंदर उसके अकाउंट पर 20 लख रुपए माइंस में दिखा दिए। इसके बाद उसकी काफी बहस भी हुई। तभी वह ठगों के और झांसे में आया और बैंक से 15 लाख लोन के साथ 5 लाख ब्याज लेकर अकाउंट में डाले थे।
इसके बाद उसे वापस 37 लाख रुपए तक का प्रॉफिट दिखाया गया। जब मुनाफा हुआ तो उसने विड्रोल करने की रिक्वेस्ट डाली तो डिक्लाइन हो गई। झांसे में लेते रहे और इन्वेस्ट करवाते रहे। करीब 1 करोड़ 44 लाख तक का प्रॉफिट दिखाया गया। वह ठगों के कहने पर गुरुग्राम ऑफिस तक पहुंचा लेकिन वहां पर कोई भी नहीं मिला था। इसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ। उसके साथ करीब 26 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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