जयपुरPublished: Oct 26, 2023 08:39:14 am
Rajasthan News : यह बात 29 जनवरी 2002 की है, मंगलवार का दिन था, शाम के लगभग 5.15 का समय रहा होगा। मैं 9 साल का था, मुझे अंदाजा नहीं था कि अगला ही मिनट मेरी जिंदगी में इतना बड़ा बदलाव लेकर आएगा।
Roshan Nagar
Rajasthan News : यह बात 29 जनवरी 2002 की है, मंगलवार का दिन था, शाम के लगभग 5.15 का समय रहा होगा। मैं 9 साल का था, मुझे अंदाजा नहीं था कि अगला ही मिनट मेरी जिंदगी में इतना बड़ा बदलाव लेकर आएगा। दिनभर से बिजली नहीं आ रही थी। हम परिवार के लोग छत पर बैढ़े थे, बिजली आने का ही इंतजार कर रहे थे। तभी मैंने एक कटी पतंग को मेरे घर की तरफ आते देखा। पतंग घर के सामने हाइटेंशन लाइन में जाकर उलझ गई। मुझे पतंग उड़ाने का शौक था, तो मैं पतंग को उतारने के लिए मशकक्त करने लगा। पहले लकड़ी से पतंग लेने की कोशिश की लेकिन उसकी लंबाई कम थी, तो मैंने पतंग की डोर को पकड़ने के लिए सरिए का इस्तेमाल करने का सोचा। यही मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हुई। सरिए में अर्थिंग की वजह से करंट दौड़ गया इसके बाद मुझे जब होश आया तब मैं एसएमएस अस्पताल में था। यह कहानी है। रोशन नागर की, जिन्होंने हौंसलों और आत्मबल के दम पर अपनी जिंदगी के मायने बदल दिए हैं। रोशन ने पत्रिका सवांददाता से बातचीत में बताया की अभी मेरी सवाई माधोपुर में बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के रीजनल ऑफिस में सहायक प्रबंधक के रूप में कार्यरत हूं । रोशन कविताएं लिखने के साथ- साथ मोटीवेशनल स्पीकर और गुलशन चैरिटेबल ट्रस्ट के ब्रांड एम्बेसडर के रूप में लोगों की मदद के लिए कार्य कर रहे हैं।
Roshan Nagar Story Motivational Speaker And Brand Ambassador Of Gulshan Charitable Trust Rajasthan News | Rajasthan News : दोनों हाथ और एक पैर गंवाने के बाद हौंसले ने बदली जिंदगी, बैंक की नौकरी के साथ हैं ब्रांड एम्बेस्डर – New Update
Credit : Rajasthan Patrika