जयपुरPublished: Dec 23, 2023 03:32:15 pm
हमारे देश में में एक ग्रामीण पुरुष की तुलना में एक ग्रामीण महिला दोगुना खेती का काम करती है साथ ही परिवार की जिम्मेदारी भी संभालती है। इसके बाद भी उन्हें कभी किसान नहीं माना गया . लेकिन कुछ महिलाओं ने इस भ्रांति को तोडकऱ खुद को बतौर सफल किसान साबित किया है। राष्ट्रीय किसान दिवस पर हम आपको मिलवाते हैं ऐसी ही कुछ महिला किसानों से –
राष्ट्रीय किसान दिवस आज – खेती किसानी में पुरुषों को पीछे छोड़ रही ये महिलाएं
10वीं पास संतोष बनीं किसान वैज्ञानिक
गांव का माहौल, उस पर शैक्षणिक योग्यता केवल 10वीं पास लेकिन अपने हौंसले के बल पर बन गईं किसान वैज्ञानिक। हम बात कर रहे हैं सीकर जिले के बेरी गांव की संतोष देवी की, जिन्हें किसान वैज्ञानिक के रूप जाना जाता है। संतोष साल भर में पांच बीघा जमीन ने अनार, मौसमी, नींबू और सेब की बागवानी और पौध नर्सरी से करीब 30 से 35 लाख रुपए कमाती हैं। बचपन से ही खेती से जुड़ी संतोष ने 2008 में जैविक खेती शुरू की, वह भी मजबूरी में क्योंकि उनके पति होमगार्ड थे और तीन हजार रुपए के वेतन से घर का गुजारा मुश्किल हो रहा था। ऐसे में संतोष ने अपने खेत में अनार लगाने की शुरुआत की। आज उन्होंने सेब, अनार, मौसमी और नींबू के बाग लगा रखे हैं। बागवानी के साथ साल भर में 80 हजार नर्सरी पौध भी बेचती हैं। जिससे उन्हें एक साल में 20 लाख रुपए की कमाई हो जाती है और फलों से 10 लाख रुपए की कमाई होती है।
तकनीक का सहारा
संतोष देवी कहती हैं कि उनके पास जमीन कम है, ऐसे में उन्होंने सघन बागवानी की तकनीक अपनाई है। पौधों को पानी ड्रिप इरिगेशन तकनीक से दिया जाता है। वह खुद ही जैविक खाद तैयार करती है। करती हैं। उनके बाग में देश भर से किसान विजिट करते हैं जिन्हें यहां प्रशिक्षण दिया जाता है।
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National Farmers Day today – These women are leaving men behind in far | राष्ट्रीय किसान दिवस आज – खेती किसानी में पुरुषों को पीछे छोड़ रही ये महिलाएं – New Update
Credit : Rajasthan Patrika