गत चुनाव में शाले मोहम्मद रहे थे विजयी
परमाणु नगरी के नाम से विख्यात पोकरण विधानसभा क्षेत्र में एक बार फिर चुनाव की वही बिसात बिछी है, जो साल 2018 के चुनाव में बिछाई गई थी। भाजपा की तरफ से महंत प्रतापपुरी को लगातार दूसरी बार प्रत्याशी बनाया गया है तो कांग्रेस ने इस सीट पर लगातार चौथी बार शाले मोहम्मद पर दांव खेला है। बाड़मेर जिले के तारातरा मठ के महंत प्रतापपुरी भगवाधारी हैं और संन्यासी हैं वहीं शाले मोहम्मद सीमांत जिलों में सिंधी मुस्लिमों के सबसे बड़े धर्मगुरु व चीफ खलीफा हैं। वे सिंधी मुस्लिम धर्म गुरु रह चुके मरहूम गाजी फकीर के बड़े पुत्र है। इन्हीं दो प्रत्याशियों के बीच पोकरण में पिछला रण हुआ था, जिसमें शाले मोहम्मद ने बेहद कांटे के मुकाबले में 872 मतों से जीत दर्ज की और बाद में राज्य मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बनने में सफल रहे। गत चुनाव में महंत प्रतापपुरी के पक्ष में वातावरण निर्माण करने के लिए अनेक मठों के महंत और साधु-संन्यासी पोकरण पहुंचे थे। महंत प्रतापपुरी के समर्थन में योगी आदित्यनाथ की पोकरण में सभा हुई थी, वहीं शाले मोहम्मद के समर्थन में खुद राहुल गांधी की सभा हुई थी। महंत प्रतापपुरी पिछली हार के बाद लगातार पोकरण क्षेत्र में राजनीतिक नेता के रूप में सक्रिय रहे और भाजपा ने उन्हें प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य भी बनाया। इसके अलावा प्रतापपुरी ने गत पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों व पोकरण नगरपालिका चुनाव में बड़े पैमाने पर मुस्लिम समुदाय से संवाद स्थापित किया। दूसरी ओर शाले मोहम्मद ने पांच साल मंत्री व विधायक के रूप में पोकरण क्षेत्र में निवासरत सभी वर्ग से सीधा संवाद बनाए रखा। पोकरण चुनाव की फिजां काफी हद तक सामान्य बनी हुई है। आने वाले दिनों में यह क्या रंग लेती है, यह देखने वाली बात होगी।
Election 2023:- Two religious leaders reappear in Pokaran – | Election 2023: – पोकरण में दो धर्मगुरु फिर आमने-सामने – New Update
Credit : Rajasthan Patrika