जयपुरPublished: Jan 06, 2024 01:14:32 am
अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे : सीमा पर सुरक्षा बल, हथियार और रसद जल्द पहुंचेगी
-20 किमी दूरी रहेगी कुछ जगह हाईवे की अंतरराष्ट्रीय सीमा से
-800 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा।
1748 किलोमीटर लंबे एनएच-913 हाईवे के 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है।
नई दिल्ली. भारत सरकार ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास सबसे चुनौतीपूर्ण और रणनीतिक परियोजना अरुणाचल प्रदेश में फ्रंटियर हाईवे पर काम शुरू कर दिया है। 1748 किलोमीटर लंबे एनएच-913 हाईवे के 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने गुरुवार का इस परियोजना के लिए पहली निविदाएं आमंत्रित कर दी हैं। हालांकि सडक़ परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) ने अभी इसकी लागत नहीं बताई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग चरणों में परियोजना पर 40 हजार करोड़ की लागत आने का अनुमान है। हाईवे भूटान बॉर्डर के पास स्थित तवांग से शुरू होकर भारत-म्यांमार सीमा पर विजयनगर में समाप्त होगा। यह राजमार्ग भारत-तिब्बत-चीन और म्यांमार सीमा के करीब से गुजरेगा। चीन एलएसी से अपनी ओर बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रहा है, फ्रंटियर हाईवे को इसी का जवाब माना जा रहा है। चीनी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रखने और संघर्ष की स्थिति में सुरक्षा बलों, हथियारों और रसद सामग्री की सीमा पर शीघ्र पहुंच सुनिश्चित करने के लिए इस परियोजना की रूपरेखा वर्ष 2016 में बनाई गई थी। इसके बाद से ही चीन इस पर आपत्ति जता रहा है।
Arunachal Pradesh Frontier Highway | अब ड्रेगन की खैर नहीं, सीमा पर 1700 किलोमीटर लंबे सबसे कठिन हाईवे का निर्माण शुरू – New Update
Credit : Rajasthan Patrika