जिला बार सचिव राजेश कुमार यादव ने बताया कि जिला न्यायालय परिसर में करीबन 1500 अधिवक्ता 300-400 कर्मचारी व करीबन 1500 -2000 पक्षकार व लगभग 50 न्यायिक अधिकारी सहित कुल 3500 से 4000 व्यक्तियों की आवाजाही प्रतिदिन रहती है। जिला न्यायालय परिसर में किसी प्रकार की प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं है।
आपात िस्थति होने पर अफरा तफरीअदालत परिसर में शनिवार को महिला अधिवक्ता दक्षा न्यायालय में पैरवी के दौरान बेहोश हो गईं। उन्हें अचेतावस्था में जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की आपातकालीन वार्ड में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि जिला न्यायालय परिसर में प्राथमिक उपचार संबंधी संसाधनों का अभाव रहा। यहां स्ट्रेचर, ट्राई साइकिल की व्यवस्था नहीं है। साथी अधिवक्ता किसी तरह उन्हें न्यायालय के गेट तक लाए व निजी साधन से अस्पताल पहुंचाया गया। पूर्व में न्यायालय परिसर में एक नर्सिंगकर्मी की व्यवस्था थी, लेकिन कुछ माह से कोई स्टाफ नहीं है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में बीमार होने पर प्राथमिक सुविधा नहीं मिल पाने से हालात गंभीर हो सकते हैं। बार पदाधिकारियों ने जिला न्यायालय परिसर में एक चिकित्सक एवं नर्सिंगकर्मी, एक स्ट्रेचर एवं एक ट्राई साइकिल की व्यवस्था करने की मांग की।
अदालत में महिला अधिवक्ता अचेत, प्राथमिक उपचार सुविधा की दरकार | Female advocate unconscious in court, needs first aid facility – New Update
Credit : Rajasthan Patrika