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करौली के ब्रह्माकुमारी केंद्र पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया।
करौली के ब्रह्माकुमारी केंद्र पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत ईश्वरीय ध्वनि और मंत्रोच्चार से हुई। इस दौरान उपस्थित लोगों ने बाल कृष्ण की मनोहारी झांकी का दर्शन किया।
ब्रह्माकुमारी प्रिय बहन ने जन्माष्टमी का आध्यात्मिक महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि कृष्ण के गुणों को अपने जीवन में उतारना जरूरी है। ज्ञान रूपी माखन को आत्मसात कर ही बुराइयों का त्याग संभव है। कार्यक्रम में बच्चों और युवतियों ने कृष्ण लीला पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किए।
केंद्र की संचालिका कविता बहन ने कहा कि स्थूल पूजा-पाठ से ज्यादा जरूरी है परमात्मा से मन का जुड़ना। उन्होंने बताया कि मनुष्य के दुख का मूल कारण उसकी आंतरिक बुराइयां हैं। इनका त्याग करने से ही जीवन में सुख-शांति आ सकती है। उन्होंने सभी को प्रतिदिन राजयोग मेडिटेशन करने की सलाह दी। इससे आत्मिक बल बढ़ता है और जीवन में स्थायी खुशियां मिलती हैं।
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