श्रीनाथ जी में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी हुई है।
पुष्टिमार्ग की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर नाथद्वारा में शनिवार सुबह मंगला दर्शन के साथ ही जन्माष्टमी उत्सव की शुरुआत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि यह प्रभु का 5191ंवा जन्मोत्सव है। इस अवसर पर मंगला दर्शन में श्रीनाथ जी को दूध, दही, घी, शक्कर व शहद से
इस दौरान दोहरा श्रृंगार के साथ चाकदार केसरी वस्त्र, श्री मस्तक पर मोर चंद्रिका पहनाई जाएगी। इसके बाद मंदिर के पंड्या द्वारा प्रभु के जन्म कुंडली पढ़ी गई। वहीं राजभोग के दर्शन में प्रभु को महाभोग लगाया गया।
इस अवसर पर नगर के रिसाला चौक से श्रीकृष्ण लीलाओं से सुसज्जित झांकियां की शोभायात्रा निकाली गई जो नगर के प्रमुख मार्गो से होते हुए वापस रिसाला चौक पहुंची। शोभायात्रा में झांकियों के अलावा स्थानीय श्रद्धालु भजन कीर्तन करते हुए साथ चल रहे थे ।
वही शाम के समय भोग आरती दर्शन के खुले इसके बाद जागरण के दर्शन 9.30 बजे खुले। बाद में रात्रि 12 बजे के करीब मंदिर के पट बंद हुए । इसके बाद नगर के रिसाला चौक में कान्हा के जन्म पर दो अलग अलग नर ओर मादा तोपो से 21 बार सलामी दी गई। तोपो की गुज आसपास के कई गांवों में सुनाई देती है जहा भी खुषी का माहोल हो जाता है। इसके बाद मंदिर में ठाकुर जी को पंचामृत से स्नान करवाया गया। श्रीनाथजी मंदिर में रविवार को नन्दोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएंगा।

श्रीनाथ जी नाथद्वारा में सुबह से भक्तों की भीड़ लगी हुई है।
कल मनाया जाएगा नंदोत्सव नंद महोत्सव पर प्रभु के मंगला दर्शन बाद श्रीजी प्रभु एवं लाडले लाल प्रभु की तिलकायत श्री एवं श्री विशाल बावा द्वारा छठी की पूजा होती है। इस दौरान श्रीजी प्रभु की हवेली में भव्य दूध-दही एवं केसर का छिड़काव होता है। नंद उत्सव के तहत एवं समस्त पुष्टि सृष्टि के वैष्णव जन नृत्य कर नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हाथी दिने घोड़ा दि ने और दिनी पालकी जय कन्हैया लाल की का उद्घोष करते हुए नंदोत्सव मनाएंगे।

फोटो नाथद्वारा मंदिर परिसर का है। जहां सुबह के दर्शनों में भक्तों की लंबी लगी हुई है।

श्रीनाथजी मंदिर में जन्माष्टमी एवं नन्दोत्सव का सेवा क्रम

नाथद्वारा में रिसाला चौक से श्री कृष्ण की बाल लीलाओं से सुसज्जित झांकियों के साथ शोभायात्रा निकाली गई जो नगर भ्रमण कर वापस रिसाला चोक लोटी।

रात्रि 12 बजे के करीब कान्हा जन्म की खुशी में दो अलग अलग तोपो से 21 बार तोपे दागकर सलामी दी गई।
द्वारिकाधीश मंदिर में भी होगा आयोजन वहीं पुष्टिमार्गीय तृतीय पीठ प्रन्यास के श्री द्वारिकाधीश मंदिर कांकरोली में भी जन्माष्टमी पर उत्साह का माहौल है। गोवर्धन चौक के अन्दर और मंदिर के बाहर रंगी-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। आज सुबह पांच बजे मंगला के दर्शन खुले। इसके आधा घंटा के बाद प्रभु के पंचामृत के दर्शन में दुध, दही, घी, शहद, खांड से स्नान कराया गया। जन्माष्टमी पर पंचामृत स्नान दो बार होता है। पहला सुबह और दूसरा प्रभु श्रीकृष्ण के जन्म दर्शन पर बालकृष्ण लाल के भाव से करवाया गया । आज शाम शयन के दर्शन के बाद जागरण के दर्शन खोले गए जो रात्रि 12.30 तक दर्शन चलेगें। कल मंदिर में हर्षोल्लास के साथ नंदोत्सव मनाया जाएंगा। नंदोत्सव पर ग्वाल की झांकी के समय नन्द महोत्सव का आयोजन होगा। इसमें मंदिर के प्रधान मुखिया नन्द बावा बनेंगे व गोस्वामी परिवार की ओर से यशोदा मैया एवं सेवकगण गोपी एवं ग्वाल बनेंगे।

द्वारिकाधीश मंदिर में दर्शन का समय

जन्माष्टमी पर पुष्टिमार्ग की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर के मोती महल गेट पर की गई सजावट।

जन्माष्टमी पर द्वारिकाधीश मंदिर कांकरोली में को भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है।
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