राजस्थान के हर छोटे-बड़े मंदिर में रात 12 बजते ही भगवान कृष्ण प्रकट हुए। कान्हा के जन्म के साथ जैसे ही मंदिरों के पट खुले भक्त भगवान की एक झलक पाने के लिए उत्सुक दिखे। मंदिर परिसर में नंद के आनंद भयो..जय कन्हैयालाल की..जैसे जयकारे गूंज उठे।
जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर से लेकर नाथद्वारा के श्रीनाथजी मंदिर, चित्तौड़गढ़ के सांवलिया मंदिर से लेकर करौली के मदन मोहनजी मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की गई। श्रीनाथजी मंदिर में भगवान को 21 तोपों की सलामी दी गई।
जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में 900 किलो पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया गया। कान्हा के प्रकट होने पर प्रदेशभर में आतिशबाजी की गई।

चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी मंदिर में भगवान के सामने ढोल नगाड़े बजाए गए।

अजमेर में मटकी फोड़ने के दौरान एक युवक हवा में ही लटक गया, जिसे बाद में नीचे उतारा गया।

जयपुर के गुप्त वृंदावन धाम में भक्त भजनों पर झूमते नजर आए।

गुप्त वृंदावन धाम में बड़ी संख्या में युवतियां और महिलाएं भी भजनों पर थिरकती नजर आईं।

जयपुर के गोविंददेवजी मंदिर में कलाकार राधा-कृष्ण बनकर डांस करते नजर आए।

जयपुर में जगह-जगह कृष्ण जन्म उत्सव का आयोजन हुआ। यहां बच्चे राधा-कृष्ण के रूप में पहुंचे।

खाटूश्यामजी का वृंदावन से मंगाए गए फूलों से अनूठा श्रृंगार किया गया।

गोविंददेवजी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। लोग ठाकुर जी के दर्शन करने पहुंचे।

अजमेर में जन्माष्टमी महोत्सव में झांकी में शिक्षित भारत का संदेश देने के लिए भारत माता लैपटॉप लेकर बैठीं।

गोविंद देवजी मंदिर में बुजुर्ग भी भजनों पर नाचते दिखे।

अलवर में यादव समाज की ओर से कृष्ण जन्माष्टमी पर निकाली गई शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भजनों पर नाचते गाते शामिल हुईं।
कृष्ण जन्मोत्सव समारोह की पल-पल की अपडेट नीचे पढ़ें…
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