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एक पाती अलवर के नाम अब अलवरवासी हर सप्ताह पढ़ेंगे। अलवर सांसद व केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने पहली पाती स्वतंत्रता दिवस के दिन जारी की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किला से संबोधन पूरा होने के बाद सांसद ने पाती जनता को भेजी है। हालांकि पहली पात
सांसद भूपेंद्र यादव ने पहली पाती में लिखा कि –
‘एक पाती अलवर के नाम’
आज देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का ओजस्वी और दूरदर्शी भाषण सुना । पिछले 11 वर्षों में मोदी जी की सरकार ने देश को जो सशक्त नेतृत्व दिया है, उसमें भारत न केवल आत्मविश्वास से भरा है बल्कि आत्मनिर्भर भी बना है। यह आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता ऑपरेशन सिंदूर की गौरवशाली सफलता में दिखते हैं। हमने आतंक के ठिकानों को मिट्टी में मिलाया, पर उससे भी बड़ा गौरव का विषय यह रहा कि हमने इसे भारत की सैन्य शक्तियों को आत्मनिर्भर बनाकर किया।
स्वदेशी सोच से उभरे आत्मनिर्भरता के मंत्र के साथ-साथ हम टेक्नोलॉजी और ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को आगे लेकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक की यात्रा तय कर रहे हैं।
भारत आत्मनिर्भरता की यात्रा में खेल, SHG, डेयरी, पशुपालन से लेकर अंतरिक्ष की ऊंचाइयों तक नवाचार और सफलता के नए आयाम गढ़ रहा है। विकसित भारत के लिए सशक्त युवा अपना योगदान दे सकें, इस उद्देश्य से प्रधानमंत्री जी ने अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना का भी उल्लेख किया, जिसके अंतर्गत अगले दो साल में एक लाख करोड़ की लागत से 3.5 करोड़ नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इस योजना के तहत पहली नौकरी लगने पर युवाओं को 15 हजार रुपये दिए जाएंगे।
पीएम मोदी ने लाल किले से देश की डेमोग्राफी बदलने में जुटे अवैध घुसपैठियों पर चिंता जाहिर की और यह विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार इस ‘सोची-समझी साजिश’ को कामयाब नहीं होने देगी।
राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत पर अपना 100 वर्षों की स्वर्णिम यात्रा तय करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रधानमंत्री जी ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने भारत की एकता और अखंडता के संकल्प का उल्लेख किया। इस एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने के लिए अपने जीवन की आहुति देने वाले श्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी को मोदी जी ने अपने उद्बोधन में नमन किया। समतामूलक समाज के लिए संघर्ष करने वाले महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले का मोदी जी ने पुण्य स्मरण किया।
इस उद्बोधन को सुनकर मुझे विचार आया कि प्रधानमंत्री की स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की यात्रा में अलवर लोकसभा क्षेत्र भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े।
इसलिए मैंने सोचा है कि हर सोमवार एक पत्र अपने अलवर के लोगों को लिखा करूँ। इस पत्र श्रृंखला को ‘एक पाती अलवर के नाम’ का शीर्षक दे रहा हूँ। यह पत्र आपसे सीधे जुड़ने का एक छोटा और सार्थक प्रयास है।
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