ड्रोन से दिखा दुर्ग पर गाड़ियों की लंबी लाइन।
चित्तौड़गढ़ के प्रसिद्ध किले पर शनिवार सुबह से शाम तक बहुत ज्यादा भीड़ देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोग किले को देखने आए, जिससे वहां काफी हलचल रही।
किले पर जाने के लिए लोगों की इतनी लंबी लाइन लगी कि नीचे किला रोड स्थित लाइब्रेरी तक गाड़ियों का जाम लग गया। कई लोग घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहे। इससे बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी हुई।
मोबाइल नेटवर्क भी जाम, कॉल भी अटके
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि मोबाइल नेटवर्क भी काम करना बंद कर गया। लोगों को कॉल करने और इंटरनेट चलाने में परेशानी हुई। बहुत से लोग अपने परिवार या दोस्तों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे।
तीन दिन की छुट्टी का असर, देश के कई राज्यों से आए लोग
इस भीड़ का एक बड़ा कारण यह भी था कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी थी और उसके बाद दो दिन का वीकेंड भी था। इस लंबे अवकाश का फायदा उठाकर लोग दूर-दराज से चित्तौड़गढ़ घूमने आए।
चित्तौड़गढ़ किले को देखने सिर्फ राजस्थान से ही नहीं, बल्कि गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे कई राज्यों से लोग पहुंचे। कुछ परिवार अपने बच्चों के साथ घूमने आए तो कुछ दोस्त ग्रुप में आए थे।

किले पर जाने के लिए लोगों की इतनी लंबी लाइन लगी कि नीचे किला रोड स्थित लाइब्रेरी तक गाड़ियों का जाम लग गया।
लोकल लोग भी पहुंचे किले पर
बरसात के कारण किले और उसके आस-पास की जगहें हरियाली से भर गई हैं। यह नजारा देखने के लिए चित्तौड़गढ़ के लोकल लोग भी बड़ी संख्या में किले पर पहुंचे। हर तरफ हरियाली और साफ हवा ने लोगों को बहुत अच्छा महसूस कराया।
गाइड और फोटोग्राफरों के लिए खुशखबरी
भीड़ बढ़ने से गाइड, घुड़सवारी कराने वाले लोग, थड़ी वाले और फोटोग्राफर जैसे लोगों की कमाई भी बढ़ी। ये लोग पर्यटकों को जानकारी देते हैं, घोड़े की सवारी करवाते हैं और उनकी फोटो खींचते हैं। उनके लिए यह समय बहुत फायदेमंद साबित हुआ। वहीं खाने पीने की स्टालों, रेस्टोरेंट में काफी भीड़ नजर आई।
कुछ लोगों को हुई परेशानी, उमस ने भी बढ़ाई परेशानी
जहां एक ओर कुछ लोगों के लिए यह समय अच्छा रहा, वहीं दूसरी ओर बहुत से लोग जाम और भीड़ के कारण परेशान भी हुए। खासकर जिनके पास समय कम था, वे किले का आनंद ठीक से नहीं ले सके। गर्मी और भीड़ की वजह से कई लोग थक भी गए। इसके अलावा उमस ने भी लोगों को परेशान किया।
किले की सुंदरता ने सबका मन मोह लिया
भीड़ और परेशानी के बावजूद चित्तौड़गढ़ किले की सुंदरता ने सभी का दिल जीत लिया। हर कोई वहां की ऐतिहासिक इमारतों, ऊंचाई से दिखने वाले नज़ारों और ताज़ी हवा का आनंद लेता नजर आया। कुम्भा पैलेस, विजयस्तम्भ, व्यू प्वाइंट, पद्मनी महल, सूरजपोल और म्यूजियम जैसे कई स्थानों के अलावा किले के पीछे के हिस्से में भी पर्यटकों की भीड़ देखी गई है।
चित्तौड़गढ़ किला हर मौसम में आकर्षण का केंद्र रहता है, लेकिन छुट्टियों में यहां आने से पहले लोगों को ट्रैफिक और भीड़ का ध्यान जरूर रखना चाहिए। अगर सही समय पर पहुंचा जाए तो यह घूमने की बहुत ही सुंदर जगह है। हालांकि अब बढ़ती भीड़ को देखते हुए चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या और जिला कलेक्टर आलोक रंजन ने भी दुर्ग जाने के लिए एक ओर वैकल्पिक रास्ता शुरू करने की मांग की थी।
ड्रोन क्रेडिट – मुरली कुमावत
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