पूरे जयपुर में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है। जयपुर के आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में सुबह से भक्तों की कतार लगी हुई है। रात 8 बजे तक करीब 10 लाख से ज्यादा लोग गोविंद जी के दर्शन करने पहुंच चुके थे।
रात 12 बजे भगवान का प्राकट्योत्सव मनाया गया। ठाकुर जी का 900 किलो पंचामृत से अभिषेक किया। मंत्रोच्चारण के साथ ठाकुर जी के विग्रह का अभिषेक कर आरती की गई। भगवान के जन्मोत्सव पर 31 तोपों की सलामी दी गई। मंदिर परिसर में जमकर आतिशबाजी की गई।
वहीं, पुरानी बस्ती स्थित घड़ी वाले भगवान श्री गोपीनाथ जी को आज 4 लाख रुपए की लग्जरी घड़ी पहनाई गई। चौड़ा रास्ता स्थित श्री राधा दामोदर मंदिर में 300 साल पुरानी पंरपरा निभाते हुए दिन में ही नंदलाल प्रकट हुए।
चित्रकूट स्टेडियम में 100 से अधिक टीमों और लगभग 1500 युवाओं ने पारंपरिक मटकी फोड़ प्रतियोगिता में भाग लिया। इसमें लड़कियां भी पीछे नहीं रहीं, वे भी पानी की बौछारों के बीच गर्म जोशी से मटकी फोड़ती नजर आईं।
जयपुर में जन्माष्टमी महोत्सव की 5 खास बातें…
1. गोविंद देवजी मंदिर : 31 तोपों की गर्जना के साथ कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गोविंद देवजी मंदिर में सुबह 4:30 बजे से मंगला झांकी के साथ दर्शन शुरू हुए। जयपुर आराध्य श्री गोविंददेवजी का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को नए पीत वस्त्र धारण कराया गया। व्यवस्थापकों ने बताया- सुबह से शाम 6 बजे तक मंदिर में 8 से 10 लाख से ज्यादा लोग दर्शन करने पहुंचे।

गोविंद देवजी मंदिर में आज शनिवार रात 12 बजे 31 तोपों की हवाई गर्जना के साथ कृष्ण जन्म का शंखनाद हुआ। कृष्ण अवतरण पर सस्वर वेद पाठ हुए। शालिग्राम पूजन के बाद पंचामृत अभिषेक हुआ। अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा 11 किलो शहद का अर्पण किया।
गोविंद देवजी मंदिर में आज शनिवार रात 12 बजे 31 तोपों की हवाई गर्जना के साथ कृष्ण जन्म का शंखनाद हुआ। आकर्षक आतिशबाजी की गई। कृष्ण अवतरण पर सस्वर वेद पाठ हुए। शालिग्राम पूजन के बाद पंचामृत अभिषेक हुआ। अभिषेक में 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा 11 किलो शहद का अर्पण किया। भोग में पंजीरी लड्डू, खिरसा, रबड़ी कुल्हड़ अर्पित की। अभिषेक के बाद निशुल्क चरणामृत और पंजीरी वितरण जय निवास बाग स्थित मंच से हुआ।
2. गोपीनाथ मंदिर : फूल बंगले में बैठे भगवान मंदिर महंत सिद्धार्थ गोस्वामी ने बताया कि जन्माष्टमी पर ठाकुर जी को विशेष पोशाक धारण कराई गई। इस अवसर पर भगवान को 4 लाख की घड़ी भी पहनाई गई, जिसे श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया गया। उन्होंने बताया कि ठाकुर जी का फूल बंगला वृंदावन की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसके लिए विशेष रूप से कोलकाता से फूल मंगाए गए, जिनसे मंदिर प्रांगण को सजाया गया है। महंत ने बताया कि नंदोत्सव पर ठाकुर जी को झूले में विराजमान कराया जाएगा और विशेष भोग अर्पित किया जाएगा।

ठाकुर जी को विशेष पोशाक धारण कराई गई। इस अवसर पर भगवान को 4 लाख की घड़ी भी पहनाई गई, जिसे श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनाया गया। उन्होंने बताया कि ठाकुर जी का फूल बंगला वृंदावन की तर्ज पर तैयार किया गया है। इसके लिए विशेष रूप से कोलकाता से फूल मंगाए गए, जिनसे मंदिर प्रांगण को सजाया गया है।
शयन आरती के बाद रात 10:30 बजे से 11 बजे तक जन्म आरती हुई। 12 बजे भगवान का जन्म शंखनाद हुआ। इसी तरह रविवार 17 अगस्त को नंदोत्सव पर भी आधी रात से दर्शन और आरती का क्रम शुरू होगा, जो दिनभर चलता रहेगा।
3- श्री राधा दामोदर मंदिर : 21 तोपों की सलामी दी गई चौड़ा रास्ता स्थित श्री राधा दामोदर मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव पर ठाकुर जी का स्वरूप ढाई साल के बालक के रूप में विराजमान है। मंदिर पुजारी मलय गोस्वामी ने बताया कि यहां जन्माष्टमी का उत्सव परंपरा अनुसार दिन में मनाया जाता है। यह परंपरा परमार वृंदावन से करीब 500 सालों से चली आ रही है और जयपुर में पिछले 300 सालों से निभाई जा रही है। ठाकुरजी को 21 तोपों की सलामी दी गई।

बाल स्वरूप श्री राधा दामोदर जी को पीत वस्त्र धारण कराए गए। भगवान श्री राधा दामोदर जी का दूध, दही, घी के साथ पंचगव्य और गंगाजल से जन्माभिषेक किया गया।
4- लड़कियों ने पानी की बौछारों में रोमांचक तरीके से मटकी फोड़ी समरस भारत सेवा संस्थान की ओर से वैशाली नगर स्थित चित्रकूट स्टेडियम में जन्माष्टमी उत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें सप्तम दही हांडी प्रतियोगिता का भी आयोजन हुआ। जहां लड़कों ने ही नहीं लड़कियों ने भी पानी की बौछारों में रोमांचक तरीके से मटकी फोड़ी। इसमें 14 वर्ष से अधिक युवक युवतियों ने हिस्सा लिया। गोविंदा प्रतियोगिता में 100 से अधिक टीमों और लगभग 1500 युवाओं ने पारंपरिक मटकी फोड़ प्रतियोगिता में भाग लिया। उत्साह और एकता के अद्भुत प्रदर्शन ने तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी और रोचक मुकाबले देखने को मिले।

लड़कियों ने भी पानी की बौछारों में रोमांचक तरीके से मटकी फोड़ी।
5- गुप्त वृन्दावन धाम : कर्नाटक से मंगवाए गए सेवंती के फूल जयपुर के गुप्त वृन्दावन धाम को जन्माष्टमी पर रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। भगवान कृष्ण की विशेष पोशाक वृंदावन में तैयार की गई है। इस पोशाक पर जरदोजी की कढ़ाई की गई है।
मंगला आरती में भगवान नवरत्न धारण किया। कृष्ण बलराम का पुष्प अलंकार कर्नाटक से मंगवाए गए सेवंती फूलों से किया गया। मंदिर परिसर को देश के विभिन्न हिस्सों से मंगवाए गए फूलों से सजाया गया है। मध्यरात्री 12 बजे यशोदानंदन का अभिषेक हुआ।

गुप्त वृंदावनधाम में भगवान को चन्दन के तेल से पंचामृत स्नान करवाया गया, इसके साथ ही फलों, फूलों और औषधियों से उनका अभिषेक किया गया।
तस्वीरों देखें जयपुर में जन्माष्टमी की धूम…..

गोविंद देवजी मंदिर में रात 12 बजे प्रकट हुए नंदलाल।

गोविंद देवजी मंदिर में भगवान श्री कृष्ण के जन्म के साथ ही 31 तोपों की सलामी दी गई। मंदिर परिसर में जमकर आतिशबाजी की गई।

गुप्त वृंदावन धाम में मध्यरात्री को नंदलाला के महाभिषेक और महाआरती के साथ संपन्न।

गोविंद देवजी मंदिर में जैसे जैसे शाम का समय बढ़ता गया श्रद्धालुओं की संख्या में भी बढ़ती गई। हर भक्त भगवान के दर्शन करने के लिए उत्साहित दिखा। शाम के समय भगवान की पोशाक भी बदली गई।

पुलिस ने भी गोविंद देवजी को प्रणाम कर लिया भगवान का आशीर्वाद।

गोविंद देवजी मंदिर में श्रद्धालु ठाकुर जी की भक्ति में डूबे नजर आए।

जन्मोत्सव का उल्लास पूरे मंदिर परिसर में देखने को मिल रहा है। राधा कृष्ण के वेश में सजे लोग उत्सव में शामिल हो रहे हैं। कलाकार राधा-कृष्ण बनकर झुमते नजर आए।

भगवान कृष्ण की विशेष पोशाक वृंदावन में तैयार की गई है। इस पोशाक पर जरदोजी की कढ़ाई की गई है।

जयपुर आराध्य श्री गोविंददेवजी का विशेष श्रृंगार किया गया है। भगवान को नए पीत वस्त्र धारण कराया गया है।

गुप्त वृंदावन धाम में श्रद्धालु भगवान के जन्मोत्सव पर झुमते नजर आए।
जन्माष्टमी की मिनट टू मिनट अपडेट नीचे पढ़े:
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