संगम कल्चरल फाउंडेशन द्वारा आयोजित मासिक संगीत सभा की 25वीं कड़ी पंडित चिरंजी लाल तंवर की स्मृति को समर्पित रही।
संगम कल्चरल फाउंडेशन द्वारा आयोजित मासिक संगीत सभा की 25वीं कड़ी पंडित चिरंजी लाल तंवर की स्मृति को समर्पित रही। इस विशेष अवसर पर तंवर के शिष्य बुंदू खान ने अपनी मधुर प्रस्तुति से कार्यक्रम में उपस्थित संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध ठुमरी नेना मोरे तरस गए से हुई, जिसके बाद उन्होंने याद पिया की आए, ए मोहब्बत तेरे अंजाम पर रोना आए और का करूं सजनी आए ना बालम जैसी ठुमरियों का गायन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। बुंदू खान की स्वर साधना और भावपूर्ण प्रस्तुति ने पंडित चिरंजी लाल तंवर के प्रति एक सच्ची स्वरांजली का रूप ले लिया।

बुंदू खान की स्वर साधना और भावपूर्ण प्रस्तुति ने पंडित चिरंजी लाल तंवर के प्रति एक सच्ची स्वरांजली का रूप ले लिया।
उनके साथ तबले पर परमेश्वर कथक और सारंगी पर अमीरुद्दीन खान की संगत ने माहौल को और अधिक सुरम्य बना दिया। पूरी प्रस्तुति के दौरान सभागार तालियों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम के अंत में संस्था के अध्यक्ष सुनील सिंह तंवर, गुरु मां गीता देवी और तरुण बंसल ने कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन आर. डी. अग्रवाल ने किया।
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