बांसवाड़ा में 2 व्यापारी दोस्तों ने साथ में सुसाइड करने का प्लान बनाया। तय हुआ था कि दोनों कार समेत माही नदी में कूद कर जान दे देंगे। एक व्यापारी पर कर्ज था ऐसे में, दोस्ती निभाते हुए दूसरे ने भी साथ चलने की ठानी। आखिर में ई मित्र संचालक हर्षित (32) औ
जब सुरेश डूब गया तो हर्षित ने कार को भी नदी में धकेल दिया। इसके बाद MP के रतलाम चला गया। बाल कटवा कर अपना हुलिया बदला और वहीं रहने लगा। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर उसका पता लगाया। तब भी वह पुलिस को गुमराह करता रहा। बोला- वह टॉयलेट करने रुका तो सुरेश ने कार नदी में कूदा कर सुसाइड कर लिया। मामला बासंवाड़ा जिले के मोटागांव थाना इलाके के मोटागांव कस्बे का है।
मोटागांव थाना इंचार्ज रामसिंह ने बताया- किराना व्यापारी सुरेश सोनी की हत्या के आरोप में ई-मित्र संचालक दोस्त हर्षित शर्मा पुत्र पूर्णशंकर शर्मा को गिरफ्तार किया है।

व्यापारी सुरेश पर था कर्ज, दोस्त ने सुसाइड का आइडिया बताया
रामसिंह ने बताया- मोटागांव के व्यापारी सुरेश सोनी (50) पर कर्ज था। हर्षित शर्मा (32) ने उसे सुसाइड करने का आइडिया दिया। 8 सितंबर को दोनों हर्षित की कार से निकले। इसके बाद दोनों का कोई सुराग नहीं लगा।
पुलिस को 11 सितंबर को सुरेश सोनी का शव मोटागांव से 45 किलोमीटर दूर डूंगरपुर जिले के भीलूड़ा गांव की माही नदी में मिला। 12 सितंबर को हर्षित की कार साबला (डूंगरपुर) में लसाड़ा पुल के पास 30 फीट गहरे पानी में मिली।

दोनों को आखिरी बार 8 सितंबर को पालोदा पेट्रोल पंप पर साथ देखा गया था।
घर से कपड़े लेकर गया था हर्षित
रामसिंह ने बताया- हर्षित घर से एक जोड़ी कपड़े लेकर गया था। कार में उसके जूते भी मिले। यानी उसकी साजिश पुलिस को भी गुमराह करने की थी। उसने वारदात के बाद इंदौर में हुलिया बदला। सामने आया है कि नदी में धक्का मारने की घटना 8 सितंबर की रात 8 बजे के बाद हुई। हालांकि शुक्रवार (19 सितंबर) को रिमांड पर लेकर पुलिस उससे पूछेगी कि हत्या के पीछे मकसद क्या था?
नदी में कूदने का प्लान बनाया
पूछताछ में सामने आया कि दोनों ने लसाड़ा पुल से नदी में कूदने का प्लान बनाया था। दोनों पुल पर गए। हर्षित का कहना है कि उसने नदी में कूदने से मना कर दिया। वहां से भागने लगा। इस दौरान सुरेश ने उसके साथ हाथापाई की। इस दौरान हर्षित ने सुरेश को धक्का मारा तो वह नदी में गिर गया।
पुलिस का कहना है- इस पूरे मामले में हर्षित ही मुख्य आरोपी नजर आ रहा है। उसने सुनियोजित तरीके से वारदात से पहले सुरेश को शराब पिलाई। इसके बाद सुरेश को कर्ज से निदान दिलाने के लिए सुसाइड करने का प्लान बताया। हर्षित की बातों में आकर सुरेश उसके साथ चला गया।

हर्षित की कार 12 सितंबर को साबला (डूंगरपुर) में लसाड़ा पुल के पास 30 फीट गहरे पानी में मिली थी।
वारदात के बाद हुलिया बदला, कजिन ने दी पुलिस को सूचना
पुलिस के मुताबिक- वारदात के बाद हर्षित इंदौर पहुंचा। वहां उसने मुंडन कराकर हुलिया बदल लिया। इंदौर से वह अपने फुफेरे भाई नितेश के पास मुंबई पहुंच गया। नितेश को घटना के बारे में पता चल गया था।
हर्षित को देखकर वह डर गया। उसने बांसवाड़ा पुलिस को सूचना दे दी। बांसवाड़ा पुलिस ने नितेश को कहा कि वह हर्षित को किसी तरह बांसवाड़ा या रतलाम ले आए, या फिर कुछ दिन मुंबई में ही रोककर रखे। नितेश हर्षित को ट्रेन से रतलाम ले आया, जहां मोटागांव पुलिस ने उसे दबोच लिया।

डूंगरपुर जिले के भीलूड़ा गांव की माही नदी में मिला था मोटागांव के व्यापारी सुरेश सोनी का शव।
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